
MP News: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नहीं ले रहे हैं। लोकायुक्त के द्वारा भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी पर शिकंजा कसा जा रहा है। बावजूद इसके घूसखोरी के मामलों में कमी नहीं आ रही है। ऐसा ही मामला झाबुआ जिले से सामने आया है। जहां जनजतीय विभाग में पदस्थ लेखापाल के द्वारा 50 हजार की रिश्वत मांगी गई थी।
आवेदक शांतिलाल, ग्राम बाकिया (पोस्ट झकनावदा), तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ के निवासी हैं और शासकीय माध्यमिक विद्यालय अम्बापाडा, संकुल केंद्र बोलासा, विकासखंड पेटलावद में माध्यमिक शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उनके ऊपर चल रही विभागीय जांच को खत्म करने के लिए आवेदक शांतिलाल ने 50,000 रुपए की मांग की थी।
आवेदक के द्वारा मामले की शिकायत लोकायुक्त इंदौर को की गई। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने पर गुरुवार को जामसिंह अमलियार 14,500 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।
शिवपुरी जिले में फरियादी ज्ञानेंद्र सिंह निवासी रन्नौद से जमीन में सुधारने की एवज में 20 हजार की रिश्वत मांगी गई थी। जिसके लिए फरियादी पहले अपर कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ स्टोनो को 15 हजार रुपए दे चुका था। गुरुवार को स्टोनो ने जैसे ही 5 हजार रुपए लिए। मौके पर मौजूद लोकायुक्त की टीम ने स्टोनो को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
ऐसे ही बालाघाट जिले के तहसील कार्यालय बिरसा में पदस्थ बाबू राजकुमार रामटेके को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। नरसिंहपुर में सहकारिता निरीक्षक संजय दुबे को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। शिकायत सिमरिया सहकारी समिति के प्रबंधक देवी प्रसाद तिवारी ने की थी।
Updated on:
11 Dec 2025 07:20 pm
Published on:
11 Dec 2025 04:51 pm
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