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राजस्थान : गांव के हाईटेक चोर, गूगल मैप से तलाशते अपना ‘शिकार’, फिर आधी रात कर देते कांड

सरवाना थाना पुलिस ने लगातार दूसरे दिन बड़ी सफलता हासिल करते हुए चोरी की वारदात का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने गूगल मैप की मदद से गांवों में सूने मकान और मंदिर चिन्हित कर चोरी की वारदातों को अंजाम देना कबूल किया है।

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एआई तस्वीर

जालोर। सरवाना थाना पुलिस ने लगातार दूसरे दिन चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मामले में राजाराम उर्फ राजुभाई पुत्र लाडुराम गमेती निवासी भोगिया फली मोरस, पुलिस थाना पिण्डवाड़ा तथा शेराराम पुत्र रणसाराम गमेती निवासी क्यारी, पुलिस थाना बेकरीया, जिला उदयपुर को पिण्डवाड़ा जिला सिरोही व बेकरीया जिला उदयपुर के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र से गिरफ्तार किया।

मामले में 3 जनवरी को प्रार्थी नरपत कुमार पुत्र जोगाराम, जाति प्रजापत निवासी कोड, पुलिस थाना सरवाना ने चोरी की रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्टकर्ता के अनुसार 2 व 3 जनवरी की मध्यरात्रि को ताऊ रामाराम के रहवासी बंद मकान के ताले तोड़कर अंदर से सोने-चांदी के जेवरात व नकदी चुरा ली। इसी रात्रि को कालाराम प्रजापत के घर में बने माताजी के मंदिर, जीवाराम पुरोहित के घर में बने माताजी के मंदिर, विक्रम प्रजापति व वरंजगाराम के बाड़े में बने मंदिरों के ताले भी तोड़े। रिपोर्ट पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजाराम और शेराराम को गिरफ्तार किया।

दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके

चोरी की वारदात में सक्रिय गिरोह के सहयोगी भारमाराम व शंकराराम को गुरुवार को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनके विरुद्ध अलग-अलग थानों में 20 प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी शेराराम व राजाराम उर्फ राजुभाई के विरुद्ध भी 5-5 प्रकरण नकबजनी के दर्ज हैं, जिनमें चालान हो चुके हैं।

इस तरह देते थे वारदात को अंजाम

चोर गिरोह के सदस्य करीब 5-7 दिन बाद अपने क्षेत्र से निकलकर गूगल मैप पर किसी बड़े गांव को सर्च करते और गांव में बने बड़े मकानों व बड़े मंदिरों को चिह्नित करते। इसके बाद चोरी के लिए लक्ष्य तय कर गूगल मैप की लोकेशन के आधार पर मोटरसाइकिल से उस गांव में पहुंचते। सूर्यास्त के बाद रात 9 से 10 बजे के बीच गांव के बाहर सुनसान स्थान या श्मशान भूमि के पास मोटरसाइकिल को घनी झाड़ियों में छिपाकर वहीं छिपे रहते।

रात्रि में लोगों के सो जाने के बाद पैदल गांव में प्रवेश करते और गांव में किसी प्रकार की हरकत या वाहन आने पर छिप जाते। अपने पास की टॉर्च से मकानों की जांच करते तथा जिस सूने बंद मकान के दरवाजे पर बड़ा ताला होता, उसे सरिये से तोड़ देते। एक ही रात में पांच-सात घरों व मंदिरों को निशाना बनाते। वारदात के बाद फिर अपनी मोटरसाइकिल के पास सुनसान जगह पर छिप जाते और पुलिस गश्त पूरी होने पर सुबह करीब 5 से 5.30 बजे अपने गांव की ओर रवाना हो जाते।

पांच-सात दिन बाद फिर उसी क्षेत्र में आकर किसी अन्य बड़े गांव में वारदात को अंजाम देते। इसी गैंग ने पुलिस थाना चितलवाना क्षेत्र के रतोडा तथा थाना सरवाना क्षेत्र के गांव प्रजापति नगर, सुंथाना, बगसड़ी व बिछावाड़ी में वारदात करना कबूल किया है। मामले में जांच जारी है।