
करीब 9 वर्ष पुराने एक व्यक्ति की हत्या के मामले में न्यायालय ने उसकी पत्नी व साले को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। गत 20 अक्टूबर 2017 को जोधपुर जिलांतर्गत शेरगढ़ तहसील के गजेसिंहपुरा निवासी खीमाराम पुत्र मंगलाराम ने फलसूंड थाने में रिपोर्ट दी थी कि उसका पुत्र ओमाराम 18 अक्टूबर 2017 को अपने बहनोई जैतसर निवासी गोपाराम पुत्र जेताराम के साथ अपने ससुराल भीखोड़ाई गया था।
19 अक्टूबर को सुबह उसके पुत्र ओमाराम व उसकी पत्नी में कहासुनी होने पर ओमाराम के साले नरुराम उर्फ नरेश पुत्र भंवरुराम उर्फ भमुराम व पत्नी गुड्डी पुत्री भंवरुराम उर्फ भमुराम ने ओमाराम के सिर पर पेचकस से हमला किया। जिससे सिर में लगी गंभीर चोट के कारण ओमाराम बेहोश हो गया और अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही दम तोड़ दिया। साथ ही गोपाराम को जान से मारने की धमकी दी।
जिस पर गोपाराम वहां से अपनी जान बचाकर भाग गया। फलसूंड पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया और दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। राज्यपक्ष की ओर से गवाह व दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ.महेन्द्रकुमार गोयल ने नरुराम उर्फ नरेश व गुड्डी को ओमाराम की हत्या के मामले में दोषसिद्ध मानते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई और 2.5-2.5 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। राज्यपक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक समंदरसिंह नरावत ने पैरवी की।
Published on:
16 Feb 2026 08:19 pm
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