23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरहदी जिले में मावठ की बूंदों का बरसा अमृत, खेतों में लौटी हरियाली

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सीमांत जैसलमेर जिले भर में मावठ की बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को नया जीवन दे दिया है। पिछले दिनों से शुष्क मौसम और सीमित सिंचाई संसाधनों के बीच जूझ रहे किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। मावठ के बाद खेतों […]

less than 1 minute read
Google source verification

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सीमांत जैसलमेर जिले भर में मावठ की बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को नया जीवन दे दिया है। पिछले दिनों से शुष्क मौसम और सीमित सिंचाई संसाधनों के बीच जूझ रहे किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। मावठ के बाद खेतों में हरियाली की रंगत लौट आई है और आने वाले दिनों में रबी फसलों की बढ़वार में स्पष्ट सुधार नजर आना तय है। जिले के व्यापक क्षेत्र पश्चिम से उत्तर तक में मावठ की स्वर्णिम बूंदें खेतों पर बरसी हैं। इनमें नहरी क्षेत्र के मोहनगढ़, रामगढ़, पीटीएम, सम आदि इलाके शामिल हैं। ग्रामीण अंचलों में सरसों, चना, गेहूं और इसबगोल जैसी फसलों पर मावठ का सकारात्मक असर पड़ा है।

खास तौर पर सरसों की फसल में फूल और दानों के विकास में तेजी आने की उम्मीद है। इसी तरह से जीरा, चना और गेहूं की फसल भी हराभरा रूप लेने लगी है। प्रगतिशील किसान विजय कुमार बिस्सा का कहना है कि यह बारिश मिट्टी में नमी बनाए रखने में सहायक होगी, जिससे फसलों की जड़ों को मजबूती मिलेगी और उत्पादन बढऩे की उम्मीद है। किसान श्यामसिंह उदावत ने बताया कि यदि आने वाले दिनों में मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा तो इस वर्ष रबी की पैदावार बेहतर हो सकती है। मावठ से खेतों में खरपतवार पर भी नियंत्रण होगा और फसलों को पोषक तत्वों का बेहतर लाभ मिलेगा। कृषि विभाग के सहायक निदेशक डॉ. जेआर भाखर ने बताया कि मावठ की बारिश रबी की फसलों को फायदा पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इस बारिश से किसी तरह का खराबा नहीं होता क्योंकि बूंदाबांदी के बाद मौसम पूरी तरह से खुल गया।