7 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सावधान! TRAI अधिकारी बनकर ठग रहे साइबर माफिया बुजुर्गों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में फंसाकर करोड़ों की लूट

TRAI scam: राजस्थान पुलिस ने जारी किया अलर्ट- साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना रहे। अपराधी TRAI या CBI, ED जैसी एजेंसियों के अधिकारी बनकर फोन कॉल, मैसेज और फर्जी लेटर भेज रहे हैं।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

MOHIT SHARMA

Mar 07, 2026

TRAI Scam

TRAI Scam

Cyber Fraud: जयपुर. देशभर सहित राजस्थान में साइबर अपराधियों ने Telecom Regulatory Authority of India ( TRAI ) के नाम का दुरुपयोग कर नया खेल शुरू कर दिया है। खुद को TRAI अधिकारी बताकर लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है और 'डिजिटल अरेस्ट' के बहाने लाखों-करोड़ों रुपए ठगे जा रहे हैं। राजस्थान पुलिस के साइबर क्राइम विंग ने हाल ही में विशेष अलर्ट जारी किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि ठगों की यह चाल तेजी से बढ़ रही है और बुजुर्ग तथा आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

ऐसे फंसाते हैं लोगों को

राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह ने हाल ही जारी अलर्ट में बताया कि अपराधी TRAI या CBI, ED जैसी एजेंसियों के अधिकारी बनकर फोन कॉल, मैसेज और फर्जी लेटर भेज रहे हैं। वे दावा करते हैं कि पीड़ित का आधार या मोबाइल नंबर मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग तस्करी या अन्य गंभीर अपराधों में इस्तेमाल हुआ है। फिर वीडियो कॉल पर घंटों 'डिजिटल अरेस्ट' कर डराते हैं और पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।

TRAI कभी वीडियो कॉल पर जांच या डिजिटल अरेस्ट नहीं करता

पुलिस ने साफ किया कि TRAI कभी वीडियो कॉल पर जांच या डिजिटल अरेस्ट नहीं करता। राजस्थान में TRAI से जुड़े ठगी के कई मामले सामने आए हैं, हालांकि स्पेसिफिक बड़े 'डिजिटल अरेस्ट' केस TRAI इंपर्सोनेशन के साथ सीधे रिपोर्टेड कम हैं, लेकिन संबंधित स्कैम्स बढ़े हैं।

पुलिस की चेतावनी

राजस्थान पुलिस ने चेतावनी दी है कि कोई भी सरकारी एजेंसी व्यक्तिगत बैंक डिटेल्स या OTP नहीं मांगती। सतर्क रहें, अनजान कॉल/लिंक पर क्लिक न करें।

यहां करें शिकायत

  • यदि ठगी हो तो तुरंत:हेल्पलाइन 1930 डायल करें
  • विशेष हेल्पडेस्क: 9256001930 / 9257510100
  • https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
  • नजदीकी साइबर सेल या पुलिस स्टेशन जाएं

ऐसे केेस आए सामने

  • अगस्त 2025 में राजस्थान में TRAI अधिकारी बनकर 'मोबाइल टावर इंस्टॉलेशन' के नाम पर लोगों से फर्जी फीस मांगने का केस सामने आया, जहां ठग घर-घर जाकर या कॉल पर पैसे ऐंठ रहे थे।
  • मार्च 2026 में पुलिस ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया, क्योंकि TRAI इंपर्सोनेशन से जुड़े 'डिजिटल अरेस्ट' और SIM डीएक्टिवेशन स्कैम बढ़ गए हैं। ठग फर्जी वॉरंट, कोर्ट रूम सेटअप दिखाकर पैसे मांगते हैं।
  • जोधपुर और अन्य जिलों में डिजिटल अरेस्ट के अलग-अलग मामले आए, फरवरी 2025 में एक रिटायर्ड इंजीनियर से 60 लाख रुपए ठगे गए। जहां ठग TRAI जैसी एजेंसियों का नाम लेकर शुरू करते हैं और फिर CBI/पुलिस पर ट्रांसफर कर डराते हैं।
  • नवंबर 2025 में उदयपुर में एक बुजुर्ग को 17 घंटे वीडियो कॉल पर बंधक बनाकर 33.60 लाख रुपए ऐंठे गए।
  • पुणे में 82 वर्षीय एक पेंशनभोगी बुजुर्ग को 23 से 31 जनवरी के बीच ठगों ने 'डिजिटल अरेस्ट' में फंसाया। वर्चुअल कोर्ट रूम सेटअप कर, लगातार वीडियो कॉल पर रखकर और 'बेल' या 'वेरिफिकेशन' के नाम पर 10.74 करोड़ रुपए की रकम सात किस्तों में ट्रांसफर करवा ली।
  • बेंगलुरु में 60 वर्षीय एक रिटायर्ड महिला को 1.2 करोड़ रुपए ठग लिए गए। ठगों ने TRAI अधिकारी बनकर दावा किया कि उनके आधार से जुड़े सिम का दुरुपयोग हो रहा है। कॉल मुंबई क्राइम ब्रांच और CBI पर ट्रांसफर कर फर्जी FIR दिखाई, फिर 'डिजिटल अरेस्ट' कर पैसे मांगे।

ठगों के मुख्य हथकंडे

  • TRAI अधिकारी बनकर SIM/KYC इश्यू बताना और OTP चुराना।
  • फर्जी मोबाइल टावर लगाने का ऑफर देकर एडवांस मांगना।
  • डिजिटल अरेस्ट: वीडियो पर फर्जी कोर्ट/पुलिस दिखाकर पैसे ट्रांसफर करवाना।
  • नकली TRAI/DoT लेटर से धमकी देना।