
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी दास्तान सामने आई है जिसे सुनकर रूह कांप जाए। एक नवविवाहिता ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की बेरहमी से हत्या कर दी और इसे एक सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की। श्रीगंगानगर एसपी अमृता दुहन ने शुक्रवार को इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक आशीष की पत्नी अंजू ही इस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड निकली। पुलिस ने आरोपी पत्नी, उसके प्रेमी और दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना 31 जनवरी की रात की है। रावला मंडी थाना क्षेत्र के गांव 1 KLM में रहने वाले आशीष (27), जो एक निजी स्कूल में शिक्षक थे, अपनी पत्नी अंजू के साथ रात के खाने के बाद टहलने निकले थे। कुछ देर बाद खबर आई कि एक अज्ञात वाहन ने आशीष को टक्कर मार दी है और लुटेरों ने अंजू के गहने लूट लिए हैं। आशीष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अंजू सड़क पर 'बेहोश' पाई गई।
मामला शुरुआत में 'हिट एंड रन' और लूटपाट का लग रहा था, लेकिन जब एसपी अमृता दुहन और उनकी टीम ने मौका-ए-वारदात का मुआयना किया, तो कुछ कड़ियां जुड़ नहीं रही थीं। जिस हादसे में पति की मौत हो जाए और पत्नी पास ही पड़ी हो, उसे एक खरोंच तक न आना पुलिस को खटक गया।
पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट में सामने आया कि आशीष की मौत केवल टक्कर से नहीं हुई थी, बल्कि उसे बेरहमी से पीटा गया था और उसका गला घोंटा गया था। जब पुलिस ने अंजू के फोन रिकॉर्ड खंगाले, तो उसके और उसके प्रेमी 'संजू' के बीच हुई बातचीत ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस पूछताछ में जो कहानी सामने आई वह किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं थी। आशीष के साथ शादी में अंजू खुश नहीं थी। वह पहले से ही संजू नाम के युवक के साथ रिलेशनशिप में थी। हत्या से 16 दिन पहले जब अंजू अपने मायके (सादुलशहर) गई, तब उसने अपने प्रेमी संजू के साथ मिलकर आशीष को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
31 जनवरी की रात अंजू जानबूझकर आशीष को उस सुनसान रास्ते पर ले गई जहाँ संजू अपने दो दोस्तों (रोहित और बादल) के साथ झाड़ियों में छिपा था। जैसे ही वे वहां पहुँचे, तीनों ने आशीष पर लाठियों से हमला कर दिया। मौत सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने आशीष का गला भी घोंटा।
आशीष की हत्या के बाद, अंजू ने इस जुर्म को छिपाने के लिए अपनी बालियां और आशीष का मोबाइल अपने प्रेमी संजू को दे दिया ताकि इसे लूटपाट का रंग दिया जा सके। इसके बाद वह खुद सड़क पर लेट गई और बेहोश होने का नाटक करने लगी। उसने पुलिस को कहानी सुनाई कि एक तेज रफ्तार गाड़ी ने उन्हें टक्कर मारी और लुटेरे सब छीन ले गए।
एसपी अमृता दुहन ने बताया कि यह मामला सामाजिक अपेक्षाओं और व्यक्तिगत इच्छाओं के बीच फंसी एक विकृत मानसिकता का परिणाम है। आशीष के परिवार के लिए यह सदमा असहनीय है, क्योंकि उन्होंने तीन महीने पहले ही बड़ी धूमधाम से बहू का स्वागत किया था। फिलहाल चारों आरोपी—अंजू, संजू, रोहित और बादल पुलिस की गिरफ्त में हैं और उन पर हत्या (मर्डर) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
Updated on:
07 Feb 2026 10:50 am
Published on:
07 Feb 2026 10:47 am
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