1 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Spa-Massage New Guideline : राजस्थान में स्पा-मसाज सेंटर्स के लिए नई गाइडलाइंस का ड्राफ्ट जारी, इस तरह की सेवाओं पर लगेगा बैन

राजस्थान में स्पा- मसाज सेंटर, ब्यूटी पार्लर और योग थेरेपी केंद्रों के लिए नई गाइडलाइंस का ड्राफ्ट जारी किया गया है। इस ड्राफ्ट में क्रॉस-जेंडर सेवाओं पर पूरी तरह से बैन लगाया गया है।

3 min read
Google source verification

जयपुर

image

Kamal Mishra

Feb 26, 2026

spa centers new guidelines

फोटो-एआई जेनरेटेड

जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य में संचालित होने वाले स्पा, मसाज सेंटर, ब्यूटी पार्लर और योग थेरेपी केंद्रों के लिए एक व्यापक और सख्त मॉडल गाइडलाइंस का ड्राफ्ट जारी किया है। गृह (ग्रुप-10) विभाग द्वारा 24 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, इन प्रस्तावित दिशानिर्देशों को राजस्थान राजपत्र के विशेषांक में प्रकाशित किया गया है। सरकार ने इन गाइडलाइंस पर आमजन और संबंधित हितधारकों से 15 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं।

सरकार का कहना है कि यह कदम माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है। इन गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य राज्य में वेलनेस और ब्यूटी सेक्टर से जुड़े प्रतिष्ठानों का संचालन कानूनी, सुरक्षित, पारदर्शी और गरिमामय ढंग से सुनिश्चित करना है। साथ ही, इनके दुरुपयोग की आड़ में होने वाली अवैध गतिविधियों जैसे वेश्यावृत्ति, मानव तस्करी और महिलाओं के शोषण पर प्रभावी अंकुश लगाना भी इसका अहम लक्ष्य है।

यौन गतिविधि पूरी तरह से रहेगी प्रतिबंधित

ड्राफ्ट गाइडलाइंस के अनुसार, अब सभी स्पा, मसाज सेंटर, ब्यूटी पार्लर और योग थेरेपी केंद्रों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। लाइसेंस जारी करने से पहले सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्थल निरीक्षण किया जाएगा। केंद्रों में किसी भी प्रकार की यौन गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके साथ ही क्रॉस-जेंडर सेवाओं पर रोक लगाई गई है, यानी पुरुष थैरेपिस्ट केवल पुरुष ग्राहकों को और महिला थैरेपिस्ट केवल महिला ग्राहकों को ही सेवाएं दे सकेंगी।

सेवा कक्षों की कुंडी खुली रहेगी

दिशानिर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पुरुष और महिला सेवा क्षेत्रों को पूरी तरह अलग-अलग रखना होगा। सेवा कक्षों में ताले या अंदर से कुंडी लगाने की अनुमति नहीं होगी और केंद्रों के बाहरी दरवाजे संचालन समय के दौरान खुले व सुलभ रहने चाहिए। सभी ग्राहकों का वैध पहचान पत्र के साथ रजिस्टर में विवरण दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। संचालन का समय सुबह 9 बजे से शाम 8 बजे तक निर्धारित किया गया है।

डिग्री धारक दे पाएंगे सेवा

कर्मचारियों की योग्यता को लेकर भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। प्रत्येक थैरेपिस्ट, ब्यूटीशियन या योग प्रशिक्षक के पास फिजियोथेरेपी, एक्यूप्रेशर, योग थेरेपी, ब्यूटी एवं कॉस्मेटोलॉजी जैसे मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों की डिग्री या डिप्लोमा होना जरूरी होगा। सभी कर्मचारियों की पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगी और न्यूनतम आयु 18 वर्ष तय की गई है।

मेन गेट और रिसेप्शन में कैमरे अनिवार्य

सुरक्षा के लिहाज से प्रवेश द्वार, रिसेप्शन और कॉमन एरिया में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे, जिनकी रिकॉर्डिंग कम से कम तीन माह तक सुरक्षित रखनी होगी। इसके अलावा, केंद्रों पर 112 और 181 जैसे हेल्पलाइन नंबरों का प्रदर्शन, सेवाओं व शुल्क की जानकारी, कर्मचारियों की सूची और शिकायत निवारण तंत्र की व्यवस्था भी जरूरी होगी।

नियम नहीं मानने पर होगी कार्रवाई

ड्राफ्ट गाइडलाइंस में यह प्रावधान भी है कि नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन, रद्दीकरण, केंद्र बंद करने और संबंधित कानूनों के तहत आपराधिक कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का मानना है कि इन दिशानिर्देशों से एक ओर जहां वैध वेलनेस उद्योग को स्पष्ट नियमों के तहत काम करने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

प्रस्तावित प्रारूप के 10 मुख्य प्वाइंट-

  1. स्पा, मसाज, ब्यूटी पार्लर और योग थेरेपी केंद्रों के लिए लाइसेंस अनिवार्य होगा।
  2. सभी केंद्रों में किसी भी प्रकार की यौन गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
  3. क्रॉस-जेंडर सेवाओं पर रोक- पुरुष थैरेपिस्ट केवल पुरुषों को और महिला थैरेपिस्ट केवल महिलाओं को सेवा देंगे।
  4. पुरुष और महिला सेवा क्षेत्रों के लिए अलग-अलग सेक्शन, प्रवेश और सुविधाएं अनिवार्य होंगी।
  5. केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाना और रिकॉर्डिंग कम से कम 3 माह तक सुरक्षित रखना जरूरी होगा।
  6. सभी ग्राहकों का वैध पहचान पत्र के साथ रजिस्टर में विवरण दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।
  7. संचालन का समय सुबह 9 बजे से शाम 8 बजे तक निर्धारित किया गया है।
  8. सभी कर्मचारियों के पास मान्यता प्राप्त योग्यता, न्यूनतम आयु 18 वर्ष और पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा।
  9. नियम उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन/रद्द, केंद्र बंद और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
  10. 15 दिनों के भीतर आमजन और हितधारक आपत्ति व सुझाव सरकार को भेज सकते हैं।