
Rajasthan Mines: जयपुर. राज्य के माइंस विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रहण के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। 21 जनवरी 2026 तक विभाग ने कुल 7,451 करोड़ 63 लाख रुपए का राजस्व संग्रह किया है, जो अब तक की इसी अवधि की सर्वाधिक वसूली मानी जा रही है। यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 627 करोड़ रुपये अधिक है।
प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर राजस्व बढ़ाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जुर्माना वसूली में तेजी, रॉयल्टी ठेकों की प्रभावी निगरानी और लंबित बकायों की शत-प्रतिशत वसूली के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि समाप्त हो रहे रॉयल्टी ठेकों की समय पर नीलामी की जाए तथा एसएमई स्तर पर राजस्व संग्रहण की नियमित समीक्षा की जाए। जिन कार्यालयों में वसूली कम है, वहां विशेष मॉनिटरिंग कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में इसी अवधि तक 6,824 करोड़ 54 लाख रुपए का राजस्व संग्रह हुआ था, जबकि इस वर्ष 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 7,451 करोड़ 63 लाख रुपए की वसूली हो चुकी है। विभाग ने आगामी महीनों में राजस्व संग्रहण की गति को और तेज करने का लक्ष्य रखा है।
| क्रम संख्या | विषय | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | कुल राजस्व संग्रह | 21 जनवरी 2026 तक 7,451.63 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड संग्रह |
| 2 | वार्षिक बढ़ोतरी | पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 627 करोड़ रुपये अधिक वसूली |
| 3 | विकास दर | राजस्व में 9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज |
| 4 | प्रवर्तन कार्रवाई | अवैध खनन पर सख्ती, जुर्माना वसूली की प्रक्रिया तेज |
| 5 | मॉनिटरिंग फोकस | रॉयल्टी ठेकों की निगरानी और बकाया राशि की वसूली पर विशेष ध्यान |
Published on:
24 Jan 2026 04:23 pm

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