
कबड्डी मैदान पर अभ्यास करते खिलाड़ी। फोटो पत्रिका
Panch Gaurav Scheme : सीएम भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य में खेल संस्कृति को नये आयाम मिल रहें है। इसके तहत जयपुर में जिला प्रशासन पंच गौरव योजना का प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रचार प्रसार सुनिश्चित कर रहा है। पंच गौरव योजना के तहत एक जिला-एक खेल के रूप में कबड्डी को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी द्वारा जिले में योजना की प्रगति की सतत् समीक्षा करते हुए खेल गतिविधियों को निरंतर गति प्रदान की जा रही है। यही कारण है कि जयपुर जिले के गांव-गांव और ढाणी-ढाणी में आज कबड्डी की गूंज सुनाई दे रही है। पंच गौरव योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक युवा प्रतिभाएं कबड्डी के मैदानों में अपना हुनर निखार रही हैं।
अब सवाल यह है कि पंच गौरव योजना क्या है? और इसका कबड्डी से क्या रिश्ता है। पंच गौरव योजना राजस्थान सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। सीएम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के सभी जिलों में पंचमुखी विकास को बढ़ावा देने के लिए यह योजना शुरू की है। यह योजना 17 दिसंबर 2024 को लॉन्च हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य प्रत्येक जिले की अनूठी विरासत, संसाधनों, उत्पादों और क्षमताओं को पहचानकर उन्हें प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत हर जिले के लिए पांच प्रमुख तत्व (पंच गौरव) चयनित किए जाते हैं। जिन्हें उस जिले का 'पंच गौरव' कहा जाता है।
एक उपज - कृषि विभाग चयनित प्रमुख फसल।
एक प्रजाति - वन विभाग चयनित स्थानीय वनस्पति या प्रजाति।
एक खेल - खेल विभाग चयनित प्रमुख खेल।
एक उत्पाद - उद्योग विभाग चयनित हस्तशिल्प, उत्पाद या स्थानीय वस्तु।
एक पर्यटन स्थल - पर्यटन विभाग चयनित प्रमुख पर्यटन स्थल।
इन पांचों को मिलाकर जिले की विशेष पहचान बनाई जाती है। 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए 550 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसका लक्ष्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, युवाओं-किसानों को सशक्त बनाना, 'Vocal for Local' को बढ़ावा देना और राजस्थान की विशिष्ट पहचान को वैश्विक स्तर पर पहुंचाना है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर विनीता सिंह ने बताया कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में कबड्डी को बढ़ावा देते हुए जिला प्रशासन जयपुर के युवाओं की प्रतिभाओं को तलाशने एवं तराशने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कबड्डी ग्रामीण परिवेश में सहज, सुलभ एवं लोकप्रिय खेल है।
मुख्य आयोजना अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया जिले के प्रत्येक राजस्व गांव में कबड्डी मैदान विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत अब तक 1 करोड़ 77 लाख 15 हजार रुपये व्यय कर 1,173 कबड्डी मैदान तैयार किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त विभागीय मद एवं भामाशाहों के सहयोग से 32 लाख 70 हजार रुपए की लागत से जिले के प्रत्येक ब्लॉक में सिंथेटिक मेट मैदान तैयार किए गए हैं, जबकि फागी ब्लॉक में दो सिंथेटिक मेट मैदान विकसित किए गए हैं।
डॉ. कुमावत ने बताया कि जिले के प्रत्येक राजकीय एवं निजी विद्यालय में प्रत्येक सप्ताह शनिवार को अन्य खेलों के साथ-साथ कबड्डी खेल का आयोजन सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रतिभावान खिलाड़ियों को ब्लॉक, जिला, राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अवसर एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
Updated on:
09 Feb 2026 02:30 pm
Published on:
09 Feb 2026 02:28 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
