
थाने में दी शिकायत (फोटो सोशल मीडिया)
जयपुर: विधायक आवास परिसर में गुरुवार दोपहर एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव के साथ मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। ज्योति नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नागौर के खींवसर निवासी अनिल सारण ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे विधायक आवास परिसर पहुंचा था। अनिल वहां किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी से मिलने गया था। लेकिन उनके विधानसभा में होने के कारण वह भोपालगढ़ विधायक गीता वरवड़ के फ्लैट पर चला गया।
पीड़ित का आरोप है कि इसी दौरान विधायक रेवंतराम डांगा के सोशल मीडिया इंचार्ज ने उन्हें फोन कर नीचे बुलाया। जब वह नीचे पहुंचा तो वहां रविंद्र डांगा, सुरेंद्र डांगा और विधायक के ड्राइवर समेत करीब दस लोग मौजूद थे।
इन लोगों ने पीड़ित के साथ गाली-गलौज की और कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट की। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि आरोपियों ने उसे यह कहते हुए जान से मारने की धमकी दी कि 'अब हमारी सरकार है, तुम कुछ नहीं बिगाड़ सकते।'
राजस्थान की विधानसभा का सत्र चल रहा है और विधानसभा के सामने स्थित विधायक आवास परिसर में खींवसर से भाजपा के विधायक की सह पर उनके परिजनों व स्टॉफ द्वारा कांग्रेस पार्टी के विधायकों से मिलने गए NSUI के प्रदेश महासचिव अनिल सारण के साथ मारपीट करके धमकियां दी गई, जो पूर्ण रूप से अनुचित है।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को कहना चाहता हूं कि इस प्रकरण को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के ज्योति नगर पुलिस थाने में दर्ज FIR संख्या 48/2026 पर संज्ञान लेकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराएं, ताकि प्रदेश में यह संदेश जाए कि कम से कम विधायक आवास तो राजस्थान में सुरक्षित है, अन्यथा प्रदेश भर से जो लोग अपने-अपने क्षेत्र के विधायकों से मिलने वहां आते हैं, वो खुद को ऐसे स्थान पर भी असुरक्षित महसूस करेंगे जहां प्रदेश भर के चुने हुए विधायक रहते हैं।
विधायक आवास पर हुई मारपीट की घटना निंदनीय घटना है। लोकतंत्र और आम आदमी की सुरक्षा पर सीधा प्रहार है। राजस्थान विधानसभा के सामने स्थित विधायक आवास पर एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव अनिल सारण खींवसर के साथ मारपीट की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
भाई अनिल सारण विधायक आवास पर विधायकों से मुलाकात करने गए थे। इसी दौरान खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा के रिश्तेदारों और गुंडों द्वारा उनके साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई।
विधानसभा जैसी पवित्र जगह के सामने स्थित विधायक आवास में इस प्रकार की घटना होना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र और आम आदमी की सुरक्षा पर भी प्रहार है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो।
Published on:
27 Feb 2026 09:48 am
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