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Rajasthan News : ‘दूल्हा’ बनेंगे कांग्रेस MLA मुकेश भाकर, चर्चा में ‘जीवनसंगिनी’- जानें कौन हैं? 

मार्च में होने वाले इस विवाह समारोह में राजस्थान की कई दिग्गज राजनीतिक हस्तियों और प्रशासनिक अधिकारियों के जुटने की संभावना है।

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जयपुर/लाडनूं।

राजस्थान की राजनीति और सोशल मीडिया पर अचानक से नागौर जिले की लाडनूं सीट से विधायक मुकेश भाकर सुर्ख़ियों में आ गए हैं। वजह है उनकी 9 मार्च को होने जा रही शादी। जी हां, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उनके शादी के कार्ड की मानें, तो कांग्रेस के कद्दावर युवा नेता मुकेश भाकर अगले महीने विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं।

वायरल कार्ड के अनुसार उनका विवाह राजस्थान न्यायिक सेवा (RJS) अधिकारी कोमल के साथ होने जा रहा है। ये विवाह इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एक राजनेता और एक जज के बीच होने जा रहा विवाह 'अंतरजातीय' है।

कौन हैं मुकेश भाकर की जीवनसंगिनी कोमल?

पद : मुकेश भाकर की होने वाली पत्नी कोमल वर्तमान में सिविल जज के पद पर कार्यरत हैं।

जन्म : 27 अगस्त 1991

मूल निवासी : दौसा जिले के लालसोट तहसील के गांव 'खुर्रा' की रहने वाली हैं।

उपलब्धि : उन्होंने साल 2019 में राजस्थान न्यायिक सेवा की परीक्षा पास की

शिक्षा : कानून की पढ़ाई के बाद उन्होंने जयपुर हाईकोर्ट में वकालत भी की है।

जातिवाद के दौर में 'समरसता' का संदेश

सोशल मीडिया पर इस शादी की चर्चा एक विधायक और एक जज की शादी से कहीं ज़्यादा इसलिए भी हो रही है क्योंकि यह विवाह जातिगत सीमाओं को तोड़ रहा है। इसे सराहनीय पहल बताया जा रहा है। गौरतलब है कि मुकेश भाकर जाट समाज से आते हैं, जबकि कोमल मीणा अनुसूचित जनजाति (ST) समाज की बेटी हैं।

ऐसे समय में जब राजनेता अक्सर जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करते हैं, एक युवा विधायक द्वारा अंतरजातीय विवाह करना समाज के लिए प्रेरणा माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग इसे "सामाजिक समरसता और समानता" की एक बड़ी मिसाल बता रहे हैं।

महज एक कार्ड नहीं, एक नई प्रेरणा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों में इस विवाह को नफरत के दौर में मोहब्बत और एकता की जीत बताया जा रहा है। लोगों का मानना है कि मुकेश भाकर ने मीणा समाज की बेटी को अपने घर की बहू बनाकर उन कुरीतियों पर चोट की है, जो मानव समाज को बांटती हैं। लोगों का कहना है कि यह शादी 'सामाजिक न्याय' की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि समाज के प्रभावशाली लोग ऐसी पहल करते हैं, तो आम जनता में भी जातिवाद को खत्म करने की हिम्मत आती है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में उत्साह

9 मार्च को होने वाले इस विवाह समारोह में राजस्थान की कई दिग्गज राजनीतिक हस्तियों और प्रशासनिक अधिकारियों के जुटने की संभावना है। 37 वर्षीय मुकेश भाकर, जो राजस्थान युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं, उनके इस फैसले की सराहना उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी भी दबी जुबान में कर रहे हैं।


नोट : वायरल हो रहे शादी के कार्ड के सम्बन्ध में 'पत्रिका' ने एमएलए विधायक मुकेश भाकर को कई बार फोन लगाया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। ये भी बता दें कि विवाह की चर्चाओं और वायरल हो रहे कार्ड पर अभी तक विधायक की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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