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जयपुर, May 27, 2026

Health Awareness: राजस्थान में हर मरीज पर नजर, एंटी मलेरिया मिशन शुरू, जून में चलेगा विशेष अभियान

Malaria Prevention: राजस्थान में मलेरिया को लेकर बड़ा अलर्ट, । मच्छरों पर बड़ा वार: गांव-गांव पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम, 100 घरों तक होगा सर्वे।

Health Department Rajasthan

Photo AI

Health Department Rajasthan: जयपुर. प्रदेश में मलेरिया उन्मूलन की दिशा में जन-जागरूकता, समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करने के लिए जून माह को ‘एंटी मलेरिया माह’ के रूप में मनाया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अभियान के तहत प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर जागरूकता, सर्विलांस और रोकथाम गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2030 तक देश को मलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और राजस्थान इस दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि जून माह में चलने वाला यह विशेष अभियान आमजन को मच्छरजनित रोगों के प्रति जागरूक बनाने और समय पर उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ग्राम स्तर तक चलेंगी जागरूकता और सर्विलांस गतिविधियां

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एवं राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केन्द्र के निर्देशानुसार जून 2026 को ‘एंटी मलेरिया माह’ के रूप में मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं बल्कि सघन मॉनिटरिंग, समय पर जांच और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करना भी है।

उन्होंने बताया कि ग्राम स्तर तक रैलियां, विद्यालयों में कार्यक्रम, प्रचार अभियान और जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक बुखार पीड़ित व्यक्ति की ब्लड स्लाइड और आरडीटी जांच कराने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने, साफ-सफाई बनाए रखने और विभिन्न विभागों के समन्वय से रोकथाम गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों, वन क्षेत्रों, सीमा क्षेत्रों, परियोजना क्षेत्रों तथा शहरी एवं पेरी-अरबन इलाकों में विशेष सर्विलांस अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों की बैठकों में आशा सहयोगिनी, एएनएम, सीएचओ, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

दूरस्थ क्षेत्रों में दवाओं और जांच किट की उपलब्धता पर जोर

निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में मलेरिया जांच किट, एंटी मलेरियल दवाइयों और एलएलआईएन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। छात्रावासों, आश्रमों, जेलों, कार्यालयों और सुरक्षा बल शिविरों में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।

उन्होंने बताया कि 16 जून से 30 जून तक ‘हैचरीज क्रियाशील पखवाड़ा’ मनाया जाएगा, जिसके तहत पानी के गड्ढों में गम्बूशिया मछलियां छोड़ी जाएंगी ताकि मच्छरों के लार्वा को नियंत्रित किया जा सके। इसके अलावा प्रत्येक मलेरिया पॉजिटिव केस के आसपास 100 घरों में फीवर सर्वे, एंटी लार्वा गतिविधियां और आईईसी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभाग ने सभी जिलों को अभियान की दैनिक और साप्ताहिक रिपोर्ट नियमित रूप से निदेशालय भेजने के निर्देश भी दिए हैं।

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