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एआई और संत सतगुरु की दृष्टि पर आधारित नाटिकाओं ने खींचा ध्यान, सत्संग, सेवा और सद्भाव का संदेश लेकर संपन्न हुआ महोत्सव

राधास्वामी मत की जयपुर और महापुरा ब्रांच की ओर से सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया गया।

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जयपुर। राधास्वामी मत की जयपुर और महापुरा ब्रांच की ओर से सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं की रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को भक्तिमय और आनंदमय बना दिया। महोत्सव की शुरुआत सभी सत्संगी भाई-बहनों द्वारा सामूहिक प्रार्थना “तेरे चरणों में प्यारे ऐ पिता” से की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सत्संगी परिवार शामिल हुए। बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य, गीत और नाटिकाओं को दर्शकों ने खूब सराहा। आयोजन का उद्देश्य आध्यात्मिक संदेश के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने राधास्वामी मत के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डाला और बताया कि राधास्वामी मत में बसंत ऋतु का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, सेवा और सद्भाव का संदेश देते हैं। राजस्थान राधास्वामी सत्संग एसोसिएशन के प्रेसिडेंट प्रेमी भाई नरेंद्र चन्द माथुर ने बताया कि इस अवसर पर बच्चों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए, जिनमें भक्ति और संस्कार की झलक दिखाई दी।

महापुरा ब्रांच के सत्संगी भाई-बहनों ने “देवताओं के बीच एआई पर चर्चा” विषय पर एक लघु नाटिका प्रस्तुत की, जिसमें आधुनिक तकनीक और मानवीय मूल्यों के संतुलन का संदेश दिया गया। वहीं जयपुर ब्रांच की ओर से “दृष्टि और दर्शन” नामक लघु नाटिका का मंचन किया गया, जिसके माध्यम से संत सतगुरु की दृष्टि और मार्गदर्शन की महत्ता को सरल शब्दों में समझाया गया। जयपुर और महापुरा ब्रांच के सेक्रेटरी प्रेमी भाई डॉ. आलोक माथुर और संदीप माथुर ने बताया कि महोत्सव का समापन भक्तिमय वातावरण और सकारात्मक ऊर्जा के साथ हुआ