जयपुर, May 29, 2026

बालोतरा जिले के पचपदरा में बन रही एचपीसीएल रिफाइनरी। फोटो- पत्रिका
HPCL Rajasthan Refinery: जयपुर. राजस्थान की महत्वाकांक्षी पचपदरा रिफाइनरी परियोजना अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) में क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) के पुनर्स्थापन कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और आगामी 1 जून 2026 से कमीशनिंग गतिविधियां शुरू होने जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, अगले कुछ सप्ताहों में रिफाइनरी से पेट्रोलियम उत्पादों की निकासी भी प्रारंभ हो सकती है, जिससे प्रदेश के ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि रिफाइनरी का उदघाटन से एक दिन पहले बीस अप्रेल को आग लग गई थी। जिसमें सबसे बड़ा नुकसान क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में हुआ था। इस रिफाइनरी का उदघाटन 21 अप्रेल को प्रधानम़ंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से किया जाना था।
शुक्रवार को जयपुर में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने HPCL Rajasthan Refinery Limited (HRRL) तथा Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ परियोजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में एचपीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि सीडीयू का पुनर्स्थापन कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप तेजी से पूरा किया जा रहा है और अब परियोजना संचालन के बेहद करीब पहुंच चुकी है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि 1 जून से कमीशनिंग गतिविधियों की शुरुआत होगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से रिफाइनरी की विभिन्न इकाइयों को संचालन में लाया जाएगा। यदि सभी तकनीकी परीक्षण सफल रहते हैं तो अगले कुछ सप्ताहों में पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की निकासी शुरू होने की संभावना है।
समीक्षा बैठक में यह भी बताया गया कि रिफाइनरी की अन्य महत्वपूर्ण इकाइयां भी तेजी से कमीशनिंग के उन्नत चरण में पहुंच गई हैं। इनमें डीजल हाइड्रोटीटिंग यूनिट (DHDT), प्रोपलीन फ्लूड कैटेलिटिक क्रैकिंग यूनिट (PFCCU), डिलेड कोकिंग यूनिट (DCU) और मोटर स्पिरिट ब्लॉक (MS Block) शामिल हैं। इन इकाइयों के पूरी तरह चालू होने के बाद रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा और राज्य को पेट्रोलियम क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती मिलेगी।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक परियोजना साबित होगी। इससे न केवल राज्य की ऊर्जा जरूरतों को बल मिलेगा बल्कि हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने तथा सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि बाड़मेर जिले के पचपदरा में विकसित हो रही यह रिफाइनरी देश की सबसे महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड रिफाइनरी परियोजनाओं में गिनी जाती है। परियोजना शुरू होने के बाद पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलने के साथ निवेश और व्यापार के नए अवसर भी खुलेंगे।
Updated on: 29 May 2026 02:37 pm

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