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जयपुर, May 29, 2026

राजस्थान में वायु सेना की निगरानी में पहुंचेगा NEET पेपर! तैयार हो रहा ‘मिलिट्री सिक्योरिटी’ प्लान

Rajasthan News : NEET पेपर लीक के बाद अब राजस्थान में वायु सेना की निगरानी में पहुंचेंगे प्रश्न पत्र। जयपुर, कोटा समेत प्रदेश के केंद्रों पर सुरक्षा की अभूतपूर्व तैयारी।

NEET Paper Leak Security Air Force Supervision Rajasthan Exam Centers Plan

NEET Paper Leak Security Air Force Supervision - AI PIC

देश के साथ-साथ राजस्थान के लाखों मेडिकल परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के भविष्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा के प्रश्न पत्र इस बार किसी निजी लॉजिस्टिक्स एजेंसी या सामान्य सुरक्षा विंग के पास नहीं, बल्कि सीधे भारतीय वायु सेना (IAF) की निगरानी में सौंपने की तैयारी की जा रही है। केंद्र सरकार ये प्लान पूर्व में सामने आए पेपर लीक और विभिन्न प्रशासनिक धांधलियों के बाद बना रही है। ऐसे में अगर ये प्लान धरातल पर उतरता है, तो विश्व प्रसिद्ध कोचिंग हब कोटा, मिनी कोचिंग हब सीकर और जयपुर सहित प्रदेश के तमाम परीक्षा केंद्रों पर वायु सेना द्वारा पहुंचाए गए प्रश्न पत्र ही पहुंचेंगे।

बता दें कि गुरुवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आधिकारिक निवास पर नीट परीक्षा की तैयारियों को लेकर एक बेहद उच्च स्तरीय और गोपनीय बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस बैठक में यह रणनीतिक निर्णय लिया गया कि देश के इतिहास में पहली बार किसी प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्रों को परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए भारतीय सेना की प्रत्यक्ष मदद ली जाएगी, जिसका सीधा और सबसे व्यापक असर राजस्थान के परीक्षा केंद्रों पर देखने को मिलेगा।

3 मई को पेपर लीक, 21 जून को दोबारा परीक्षा

इस पूरे असाधारण कदम की मुख्य वजह पूर्व में आयोजित नीट परीक्षा के दौरान सामने आई गंभीर खामियां हैं। मूल परीक्षा 3 मई 2026 को देश भर में आयोजित की गई थी, जिसके बाद राजस्थान सहित देश के कई राज्यों से पेपर लीक होने की खबरें और एफआईआर सामने आईं। परीक्षा के प्रश्न पत्रों के कई सवाल सोशल मीडिया और संदिग्ध टेलीग्राम चैनलों पर परीक्षा से पहले ही लीक होने के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस परीक्षा को पूरी तरह से रद्द घोषित कर दिया था।

अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के समक्ष आगामी 21 जून 2026 को देश के इतिहास की सबसे बड़ी पुनर्परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी और लीक-प्रूफ माहौल में आयोजित कराने की बहुत बड़ी चुनौती है। चूंकि राजस्थान में जयपुर, कोटा, सीकर और जोधपुर जैसे शहरों में परीक्षार्थियों की संख्या देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक होती है, इसलिए केंद्र सरकार का मुख्य ध्यान राजस्थान की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने पर केंद्रित है।

सेना के विकल्प पर हुआ विचार

नीट पेपर लीक की जांच जब 12 मई 2026 को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई, तो सीबीआई की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच एजेंसी ने अब तक इस मामले में संलिप्त 13 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से कई आरोपी सीधे तौर पर प्रश्न पत्र तैयार करने और उसकी प्रिंटिंग प्रोसेस से जुड़े हुए थे। इस दौरान देश और प्रदेश में 43 से ज्यादा जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई।

सीबीआई की इस गहन जांच में यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के ही कुछ अंदरूनी अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण पेपर लीक के इस रैकेट को अंजाम दिया गया। सरकारी और निजी प्रिंटिंग प्रेसों और परिवहन के दौरान बरती गई ढिलाई के कारण पेपर परीक्षा से पहले बाहर आ गया।

इसी आंतरिक कमजोरी और भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए रक्षा मंत्री के आवास पर हुई बैठक में यह तय किया गया कि इस बार प्रश्न पत्रों की छपाई से लेकर उनके परिवहन की पूरी व्यवस्था में मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम कर सेना के अभेद्य विकल्प का सहारा लिया जाए।

पोस्ट ऑफिस विभाग निभाएगा अहम भूमिका

इस नए सुरक्षा प्लान के तहत जो सबसे बड़ा और कड़ा फैसला लिया गया है, वह यह है कि प्रश्न पत्रों के सीलबंद पैकेटों को दिल्ली से देश के विभिन्न राज्यों के जिला मुख्यालयों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना के विशेष सैन्य परिवहन विमानों की सेवाएं ली जाएंगी। राजस्थान के भौगोलिक और सामरिक महत्व को देखते हुए यह व्यवस्था प्रदेश के लिए बेहद अनूठी होने जा रही है।

योजना के अनुसार, वायु सेना के विमान दिल्ली से प्रश्न पत्रों के सीलबंद बक्से लेकर राजस्थान के प्रमुख सैन्य हवाई अड्डों, जैसे जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उत्तरलाई (बाड़मेर) और सूरतगढ़ में लैंड कर सकते हैं। इन हवाई अड्डों से परीक्षा केंद्रों के नजदीकी मुख्य डाकघरों तक प्रश्न पत्रों को सुरक्षित ले जाने की जिम्मेदारी केंद्रीय पोस्ट ऑफिस विभाग की होगी।

संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपस्थिति का मुख्य कारण भी यही है कि पोस्ट ऑफिस विभाग के उच्च सुरक्षा वाहनों और विशेष जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए इन प्रश्न पत्रों को मिलिट्री बेस से स्थानीय ट्रेजरी या बैंक के स्ट्रांग रूम तक पहुंचाया जा सके।

NEET पेपर लीक का राजस्थान कनेक्शन

इस परीक्षा में कथित तौर पर लीक हुए "गेस पेपर" को सबसे पहले राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने पकड़ा था, जिसके बाद हड़कंप मच गया। राजस्थान का सीकर इलाका, जो देश का बड़ा कोचिंग हब माना जाता है, इस पूरे खेल का मुख्य केंद्र बनकर उभरा। जांच में सामने आया कि लीक हुए प्रश्नपत्रों को इसी कोचिंग हब और उसके आस-पास के नेटवर्क के जरिए करीब 1000 परीक्षार्थियों तक पहुंचाया गया था। मामले की गंभीरता और इसके अंतरराज्यीय (inter-state) कनेक्शन को देखते हुए, केंद्र सरकार ने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए सीबीआई (CBI) की एंट्री कराई।

सीबीआई ने केस हाथ में लेते ही राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी। राजस्थान में सीबीआई ने स्थानीय एसओजी (SOG) के साथ मिलकर डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल डेटा और संदिग्धों के बैंक खातों के पैसों के लेन-देन को खंगालना शुरू किया, जिससे परीक्षा माफियाओं के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ।

राजस्थान से हुई बड़ी गिरफ्तारियां

सीबीआई ने जयपुर के जमवा रामगढ़ से बिवाल परिवार के तीन मुख्य आरोपियों—दिनेश बिवाल, मांगीलाल बिवाल और विकास बिवाल को गिरफ्तार किया है। इन पर गुरुग्राम के यश यादव से लीक पेपर खरीदकर उसे सीकर के कोचिंग सेंटरों और छात्रों को मोटी रकम में बेचने का आरोप है। इसके अलावा, देहरादून से सीकर के एक जाने-माने करियर काउंसलर राकेश कुमार को भी पुलिस और जांच एजेंसियों ने दबोचा है। इस पूरे मामले में सीबीआई ने राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा को मिलाकर अब तक कई बड़ी गिरफ्तारियां की हैं, और पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर लगातार आगे की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

परीक्षार्थियों और अभिभावकों के बीच बढ़ी 'मानसिक सुरक्षा'

नीट परीक्षा के पेपर लीक होने से राजस्थान का कोटा शहर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था। कोटा में देश भर के करीब 2.5 लाख से अधिक छात्र मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग ले रहे हैं। परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक की खबरों से इन छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बेहद विपरीत असर पड़ा था और उनके भीतर परीक्षा प्रणालियों को लेकर एक गहरा अविश्वास पैदा हो गया था।

अब जब यह खबर सामने आ रही है कि देश की सेना इस बार प्रश्न पत्रों की सुरक्षा की कमान संभाल रही है, तो कोटा के कोचिंग संचालकों, परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के बीच मानसिक सुरक्षा की एक नई भावना जागृत हुई है। छात्रों का मानना है कि भारतीय सेना की निगरानी में होने वाली किसी भी प्रक्रिया में सेंध लगाना किसी भी पेपर लीक माफिया या सॉल्वर गैंग के लिए नामुमकिन होगा। इस मानवीय और मानसिक राहत के दृष्टिकोण के कारण यह खबर पूरे राजस्थान के छात्र समुदाय के बीच एक सकारात्मक माहौल तैयार कर रही है।

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