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कौड़ियों के भाव में जमीन मिली, अब करोड़ों में बेच मोटा मुनाफा कमा रहे

वैशाली नगर के गौतम मार्ग स्थित आरएसईबी कॉलोनी की सार्वजनिक पार्किंग में अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है और अवैध रूप से भूखंडों और फ्लैट्स का बेचान भी किया जा रहा है। इतना ही नहीं, आवाासीय कॉलोनी में व्यावसायिक गतिविधि तेजी से बढ़ रही है। इतना सब कुछ होने के बाद भी जेडीए […]

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जयपुर

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Amit Pareek

Jan 30, 2026

वैशाली नगर के गौतम मार्ग स्थित आरएसईबी कॉलोनी की सार्वजनिक पार्किंग में अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है और अवैध रूप से भूखंडों और फ्लैट्स का बेचान भी किया जा रहा है।

इतना ही नहीं, आवाासीय कॉलोनी में व्यावसायिक गतिविधि तेजी से बढ़ रही है। इतना सब कुछ होने के बाद भी जेडीए चुप्पी साधे हुए है। जबकि, स्थानीय लोग कई बार जेडीए में शिकायत कर चुके। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

दरअसल, जिस जमीन पर आरएसईबी कॉलोनी विकसित की गई, यह जमीन जेडीए ने राजस्थान स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड को रियायती दर पर थी। अनुबंध पर गौर करें तो 44 रुपए प्रति गज में यह जमीन दी गई गई थी और अब इस जमीन के कीमत तीन लाख रुपए प्रति गज तक पहुंच गए है। गौतम मार्ग की ओर देखते हुए मकानों की कीमत करोड़ों में है। यही वजह है कि धीरे-धीरे यहां मार्केेट विकसित हो गया। ऐसे में लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। शोरूम खुलने से ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी और गाडिय़ां सडक़ पर खड़ी होती हैं।

इन शर्तों की अवहेलना, जेडीए चुप

-जमीन देते वक्त शर्तों पर गौर करें तो उनमें साफ लिखा है कि जमीन पर जेडीए का स्वामित्व होगा।

-भूखंडों में केवल फ्लैट ही बनाए जा सकेंगे। किसी प्रकार की व्यावसायिक निर्माण की इजाजत नहीं होगी।

-किसी प्रकार का वाणिज्यिक और लाभ की दृष्टि से जमीन का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।

-भूखंड और इस पर निर्मित फ्लैट समिति के सदस्यों के अलावा किसी भी अन्य को विक्रय, दान या अन्य किसी रूप में हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा।

ऐसे हो रही अवहेलना

-जेडीए का स्वामित्व होने के बाद जमीन को बेचा जा रहा है। फ्लैट को तोडकऱ शोरूम बन गए। कुछ के काम भी चल रहे हैं। व्यावसायिक गतिविधि पिछले कुछ वर्षों में बढ़ गईं। शिकायतें भी जेडीए में की गईं, लेकिन जेडीए चुप रहा।

-समिति के सदस्यों ने बाहरी व्यक्तिों को फ्लैट और भूखंडों का बेचान रजिस्ट्री के माध्यम से कर दिया। कौडिय़ों के भाव में जमीन लेकर, इससे करोड़ों रुपए कमा लिए।

अवैध कब्जे की ये भी कहानी

-अनुमोदित नक्शे और मौका स्थिति देखकर साफ पता चलता है कि जेडीए के अधिकारियों ने आंखें मूंदकर रखीं और आरएसईबी ऑफिसर्स ग्रुप हाउसिंग कॉ-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के सदस्यों ने मनमानी की। न सिर्फ बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन किया, बल्कि दो भूखंडों के बीच के रास्ते पर भी मिलकर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। कुछ जगह तो पार्किंग की जगह में कियोस्क तक सजवा दिए।

स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद मैंने मौका निरीक्षण किया था। फाइल का जोन से परीक्षण करवाया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

-शिल्पा चौधरी, मुख्य नियंत्रक, प्रवर्तन शाखा

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