
फाइल फोटो पत्रिका
Jaipur News : जयपुर में एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका पिछले कई महीनों से कोमा में है। साथ ही शिक्षिका का पिछले छह माह से वेतन बंद है। जिस वजह से परिवार के सामने घोर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इतना ही नहीं शिक्षिका की वेतनवृद्धि भी रोक दी गई। परिजनों के अनेक बाद सूचित करने के बाद भी स्कूल प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की संवेदनहीनता पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार नेताजी सुभाष राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मोतीकटला जयपुर में जीव विज्ञान की व्याख्याता सुनीता अग्रवाल 24 अप्रैल 2025 को स्कूल से लौटते समय सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थीं। दुर्घटना के बाद से वह लगातार कोमा में हैं और उनका उपचार चल रहा है।
परिजनों का कहना है कि इस बारे में स्कूल प्रशासन और प्रधानाचार्य को कई बार सूचना दी गई और चिकित्सकों की ओर से जारी मेडिकल प्रमाण पत्र भी दिए गए। इसके बावजूद सितंबर 2025 से उनका वेतन रोक दिया गया है। जुलाई 2025 से मिलने वाली नियमित वेतनवृद्धि का लाभ भी नहीं दिया गया।
परिवार का आरोप है कि गंभीर बीमारी और असहाय स्थिति के बावजूद विभाग ने कोई मानवीय पहल नहीं की। जबकि दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 के तहत ऐसे मामलों में वेतन रोकना नियमों के खिलाफ बताया गया है। इस संबंध में राजस्थान उच्च न्यायालय के एक निर्णय में भी ऐसे कर्मचारियों को वेतन देने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
परिजनों का कहना है कि इलाज के भारी खर्च के बीच वेतन बंद होने से परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कठिन हो गई है। उन्होंने शिक्षा विभाग से मांग की है कि नियमों और न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए शिक्षिका का लंबित वेतन और वेतनवृद्धि जल्द जारी की जाए, ताकि परिवार को कुछ राहत मिल सके। इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी दिया गया है।
मामला संज्ञान में है। यह प्रकरण हमने शिक्षा विभाग बीकानेर भेज रखा है। उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा है। इस प्रकरण में जल्द ही निस्तारण करेंगे।
सुनील सिंघल, डीईओ जयपुर
Updated on:
12 Mar 2026 11:54 am
Published on:
12 Mar 2026 11:53 am
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