
फाइल फोटो पत्रिका
Jaipur Former Royal Family : जयपुर शहर के अधीनस्थ न्यायालय ने जयपुर के सिविल लाइन्स स्थित बंगला नंबर 15-16 के स्वामित्व मामले में राज्य सरकार को झटका दिया है। कोर्ट ने देरी के आधार पर संपदा निदेशालय का दावा खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने संपत्तियों का कब्जा प्राप्त करने के लिए करीब 30 वर्ष तक कोई कार्रवाई नहीं की।
कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि संपत्ति खाली कराने का नोटिस मई 2003 में जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य ब्रिगेडियर भवानी सिंह को जारी किया गया था।
जयपुर महानगर-प्रथम क्षेत्र के अतिरिक्त जिला न्यायालय क्रम-6 के न्यायाधीश मुकेश परनामी ने यह आदेश पारित किया। संपदा निदेशालय की ओर से पिछले वर्ष प्रस्तुत दावे में कहा गया था कि 28 दिसंबर 1971 को संविधान के अनुच्छेद 363 के तहत पूर्व शासकों की निजी पदवियां समाप्त होने के बाद सिविल लाइन्स स्थित बंगला नंबर 15-16 पर राज्य सरकार का स्वामित्व हो गया। दावे में वर्ष 1971 से दावा पेश होने तक के लिए 10 करोड़ रुपए तथा दावा पेश होने के बाद वसूली तक प्रति माह 10 लाख रुपए किराए की मांग की गई थी।
पूर्व राजपरिवार की ओर से अधिवक्ता रमेश शर्मा ने दावे को खारिज करने का आग्रह करते हुए तर्क दिया कि राज्य सरकार स्वयं विवाद का समय वर्ष 1971 बता रही है। ऐसे में परिसीमा अधिनियम के अनुसार सरकार वर्ष 2002 तक ही संपत्ति पर कब्जा प्राप्त करने की कार्रवाई कर सकती थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने दावा खारिज कर दिया।
Updated on:
17 Jan 2026 07:42 am
Published on:
17 Jan 2026 07:41 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
