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Jhalana Leopard Reserve: वाइल्ड लाइफ इन 3-डी… झालाना में अब रियल के साथ वर्चुअल लेपर्ड भी आया

Interpretation Center in Jhalana Leopard Reserve: जयपुर के झालाना लेपर्ड रिजर्व घूमने आने वाले सैलानियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब यहां आने वाले सैलानी सिर्फ लेपर्ड को देखने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि बिग कैट फैमिली की पूरी जीवनशैली,आदतों और गतिविधियों को बेहद करीब से जान सकेंगे।

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लेपर्ड रिजर्व में बन रहा देश का पहला इंटरप्रिटेशन सेंटर, पत्रिका फोटो

लेपर्ड रिजर्व में बन रहा देश का पहला इंटरप्रिटेशन सेंटर, पत्रिका फोटो

Interpretation Center in Jhalana Leopard Reserve: जयपुर के झालाना लेपर्ड रिजर्व घूमने आने वाले सैलानियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब यहां आने वाले सैलानी सिर्फ लेपर्ड को देखने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि बिग कैट फैमिली की पूरी जीवनशैली,आदतों और गतिविधियों को बेहद करीब से जान सकेंगे।

थ्री-डी और वीआर तकनीक के जरिए लेपर्ड की मूवमेंट को महसूस किया जा सकेगा, वहीं बच्चों के लिए गेम जोन के माध्यम से वाइल्ड लाइफ की जानकारी रोचक अंदाज़ में दी जाएगी। वन अधिकारियों का दावा है कि ऐसा अत्याधुनिक इंटरप्रिटेशन सेंटर न सिर्फ राजस्थान, बल्कि देश के किसी भी टाइगर या लेपर्ड रिजर्व में नहीं है।

देश में पहला ऐसा सेंटर

दरअसल, इन दिनों झालाना लेपर्ड रिजर्व में बने इंटरप्रिटेशन सेंटर का कायाकल्प और विस्तार किया जा रहा है। गुजरात से आए कलाकार इसे जंगल के प्राकृतिक माहौल जैसा जीवंत रूप देने में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि यह सेंटर होली तक बनकर तैयार हो जाएगा। वन अधिकारियों का दावा है कि ऐसा अत्याधुनिक इंटरप्रिटेशन सेंटर न सिर्फ राजस्थान, बल्कि देश के किसी भी टाइगर या लेपर्ड रिजर्व में नहीं है।

तैयार होने के बाद यह सैलानियों के लिए बड़ा आकर्षण बनेगा। जयपुर घूमने आने वाले लोग भी इसे देखने आएंगे। बताया जा रहा है कि, इसके लिए दस या बीस रुपए तक प्रवेश शुल्क भी रखे जाने पर भी विचार चल रहा है, जिससे इसका मेंटीनेंस खर्च निकल सकेंगे

कटआउट में दिखेगी पूरी बिग कैट फैमिली

  • इंटरप्रिटेशन सेंटर में कुल पांच कटआउट। लेपर्ड शिकार के पीछे दौड़ते तो शिकार को पेड़ पर बैठे नजर आएगा।
  • लेपर्ड रिजर्व के मुख्य स्टैच्यू में मादा लेपर्ड ‘फ्लोरा’ की पूरी फैमिली दिखेगी।
  • एक सिस्टम, जिसमें चेन खींचकर सैलानी यह अनुभव कर सकेंगे कि लेपर्ड कितना भारी शिकार लेकर पेड़ पर चढ़ता है।
  • फोटो गैलरी को अब अलग से विकसित किया गया है। इसमें जुड़े दुर्लभ व रोचक फोटोग्राफ्स होंगे।
  • वीआर सिस्टम में सैलानी थ्री-डी तकनीक से लेपर्ड की गतिविधियों को बेहद करीब से देख और महसूस कर पाएंगे।
  • पक्षियों का अलग सेक्शन, जहां सैलानी पक्षियों की आवाज सुनकर पहचान कर सकेंगे।

बच्चों का स्पेशल जोन

बच्चों के लिए विशेष रूप से गेम जोन विकसित किया जा रहा है, जिसमें वे लेपर्ड और टाइगर के पगमार्क, जानवरों की पहचान व वाइल्ड लाइफ से जुड़ी जानकारियां खेल-खेल में सीख सकेंगे।

मैप से जानेंगे पूरा झालाना

सेंटर में झालाना लेपर्ड रिजर्व का थ्री-डी मैप भी बनाया जा रहा है, जिससे सैलानी सफारी रूट, पहाड़ियां,वाटर पॉइंट्स जैसी जानकारियां आसानी से हासिल कर सकेंगे।