
राजस्थान फुटबॉल के लिए अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन की ओर से आयोजित 79वीं सीनियर नेशनल संतोष ट्रॉफी में राजस्थान की टीम ने ग्रुप 'ए' से क्वार्टर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। ख़ास बात ये है कि सत्तर के दशक के बाद ये पहला मौका है जब राजस्थान ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के अंतिम आठ में जगह बनाई है।
ग्रुप 'ए' के अपने अंतिम लीग मैच में राजस्थान का मुकाबला नगालैंड की मज़बूत टीम से हुआ। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। राजस्थान को ग्रुप से आगे बढ़ने के लिए यह मैच जीतना या कम से कम ड्रॉ करना ज़रूरी था। खेल के 90 मिनट तक रोमांच चरम पर रहा और आखिरकार मुकाबला 2-2 की बराबरी पर छूटा। ऐसे में इस मैच से मिले एक अंक के साथ राजस्थान ने ग्रुप में कुल 7 अंक जुटा लिए और तीसरे स्थान पर रहते हुए नॉकआउट चरण में प्रवेश किया।
मैच की शुरुआत राजस्थान के पक्ष में रही। अल्ताफ ने 17वें मिनट में एक शानदार पास दिया, जिसे अमित ने गोल पोस्ट में तब्दील करते हुए पहला गोल किया और टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। लेकिन इसके बाद 38वें मिनट में नगालैंड ने वापसी की और जवाबी हमला करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। हाफ टाइम तक स्कोर यही रहा।
इसके बाद दूसरे हाफ में राजस्थान को पेनल्टी मिली। कप्तान मुकेश चौधरी ने बिना कोई गलती किए गेंद को जाल में उलझा दिया और राजस्थान को 65 वें मिनट में 2-1 की बढ़त दिला दी। इसके बाद खेल आगे बढ़ा और खेल खत्म होने से ठीक 10 मिनट पहले नगालैंड को भी एक पेनल्टी मिला, जिसे उन्होंने गोल में बदलकर 80 वें मिनट पर स्कोर 2-2 कर दिया। अंतिम सीटी बजने तक स्कोर यही रहा।
राजस्थान फुटबॉल का इतिहास काफी समृद्ध रहा है, लेकिन पिछले कई दशकों से टीम संतोष ट्रॉफी के शुरुआती राउंड से आगे नहीं बढ़ पा रही थी। सत्तर के दशक में राजस्थान की टीम का दबदबा हुआ करता था। लगभग 50 साल के लंबे अंतराल के बाद इस उपलब्धि ने राजस्थान के युवा फुटबॉलरों के लिए प्रेरणा का नया द्वार खोल दिया है।
क्वार्टर फाइनल में पहुँचने के साथ ही राजस्थान अब खिताब की दौड़ में शामिल हो गया है। पूरे प्रदेश के खेल प्रेमियों की नज़रें अब असम में होने वाले अगले मुकाबलों पर हैं। राजस्थान फुटबॉल संघ और खेल विभाग ने टीम को इस शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी है।
राजस्थान का इस टूर्नामेंट में प्रदर्शन काफी संतुलित रहा है। टीम ने ग्रुप स्टेज में कुल 5 मैच खेले, जिनका परिणाम इस प्रकार रहा
जीत: 2 मैच
ड्रॉ: 1 मैच
हार: 2 मैच
कुल अंक: 7
इस प्रदर्शन के साथ राजस्थान ने साबित कर दिया कि वह देश की दिग्गज टीमों को टक्कर देने का माद्दा रखती है।
इस ऐतिहासिक जीत के पीछे टीम के मुख्य कोच नरेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। टीम के प्रदर्शन में आए इस क्रांतिकारी बदलाव का श्रेय उनकी 'इंटेंसिव ट्रेनिंग' को दिया जा रहा है। कोच नरेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में ही खिलाड़ियों ने पिछले दो महीनों तक कड़ी ट्रेनिंग ली।
Published on:
31 Jan 2026 03:45 pm

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