जयपुर, Jun 04, 2026

अलका गुर्जर और सतीश पूनिया। फाइल फोटो- पत्रिका
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने बड़ा दांव खेलते हुए अपने दोनों उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता डॉ. सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को राज्यसभा के लिए मैदान में उतारा है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक हलकों में नए समीकरणों और आगामी रणनीतियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। इन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।
सतीश पूनिया वर्तमान में हरियाणा प्रभारी और अलका गुर्जर राष्ट्रीय सचिव हैं। वर्तमान में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, भाजपा सांसद राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का कार्यकाल 20 जून को समाप्त हो रहा है, जिसके चलते ये सीटें रिक्त हो रही हैं। राजस्थान विधानसभा में वर्तमान संख्या बल को देखते हुए भाजपा दो सीटों पर जीत दर्ज करने की मजबूत स्थिति में है। इसी गणित को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने अपने दो उम्मीदवारों की घोषणा की है।
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चूरू जिले की सादुलपुर तहसील में पूर्व प्रधान सुभाषचंद्र पूनियां के घर 20 सितम्बर 1964 को जन्मे डॉ.सतीश पूनियां ने लॉ करने के बाद राजस्थान विश्वविद्यालय से भूगोल में पीएचडी की। संघ पृष्ठभूमि से जुड़े रहे पूनियां 1982 से लेकर 1992 तक विद्यार्थी परिषद में विभिन्न पदों पर रहे। इसी बीच 1989 में वे राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्र संघ के महासचिव बनें। 1992 से 1998 के बीच भाजपा युवा मोर्चा में प्रदेश महामंत्री और फिर प्रदेश अध्यक्ष बनेे। 2000-2004 में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और पंजाब के प्रभारी रहे। इसी बीच पूनियां ने पहली बार सादुलपुर विधानसभा से बतौर भाजपा प्रत्याशी उपचुनाव लड़ा लेकिन वे जीत नहीं पाए।
2004 से 2014 तक भाजपा राजस्थान के प्रदेश महामंत्री और संगठनात्मक दायित्व का निर्वहन किया। 2019 से 2023 तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। पूनियां ने 2013 में आमेर से भाजपा प्रत्याशी रहे, 2018 में आमेर से विधानसभा चुनाव जीत कर पहली बार विधानसभा पहुंचे। वर्तमान में पूनियां हरियाणा राज्य प्रभारी हैं जिन्हें अब राज्यसभा में प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है।
सतीश पूनिया लंबे समय से भाजपा संगठन का प्रमुख चेहरा रहे हैं और प्रदेश की राजनीति में उनका प्रभाव माना जाता है। वहीं अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने का प्रयास किया है। सतीश पूनिया के जरिए जाट और अलका गुर्जर के जरिए गुर्जर वोटर्स को साधने की रणनीति है। दोनों ही नेता लंबे समय से पार्टी से जुड़े हैं, संगठन में कई पदों पर काम कर चुके हैं। सतीश पूनिया को बिहार चुनावों में जिम्मेदारी देने के बाद उन्हें हरियाणा का प्रभारी बनाया गया था। अलका गुर्जर लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं।
आपको बता दें कि उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन पत्र जमा कर सकेंगे। राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा को रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया था कि नामांकन पत्र विधानसभा भवन के कक्ष संख्या-106 में अभ्यर्थी अथवा उसके किसी प्रस्तावक की ओर से सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को विधानसभा भवन के भूतल स्थित कक्ष संख्या 751 में होगी। गौरतलब है कि दस राज्यों की 24 सीटों और तीन राज्यों की एक-एक सीट के लिए उप चुनाव होने हैं। राजस्थान और एमपी से 3-3 सीटों के लिए चुनाव होने हैं। विधानसभा में संख्याबल के आधार पर राजस्थान में पार्टी दो सीटों को जीत सकती है।
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Updated on: 04 Jun 2026 09:06 pm

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