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एक आंख गंवाने के बाद दूसरी पर खतरा, आंख के कैंसर से पीड़ित 2 साल की बच्ची, जयपुर में इलाज से लौटी उम्मीद

दो साल की एक बच्ची की आंख बचाने में डॉक्टरों को सफलता मिली है। बच्ची की आंख में एक दुर्लभ और तेजी से फैलने वाला कैंसर पाया गया था।

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एआई से बनाई गई तस्वीर

एआई से बनाई गई तस्वीर

जयपुर। दो साल की एक बच्ची की आंख बचाने में डॉक्टरों को सफलता मिली है। बच्ची की आंख में एक दुर्लभ और तेजी से फैलने वाला कैंसर पाया गया था। जिसे रेटिनोब्लास्टोमा डायग्नोस हुआ था। यह एक रेयर और तेजी से फैलने वाला आई कैंसर है। जो लगभग 18,000 बच्चों में से 1 को होता है। इस बीमारी के कारण पहले उसकी बाईं आंख खराब हो गई थी। इसके बाद जांच में पता चला कि दाहिनी आंख पर भी बीमारी का असर शुरू हो गया है। इससे बच्ची के पूरी तरह अंधा होने का खतरा पैदा हो गया था। परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता यही थी कि बच्ची की बची हुई आंख की रोशनी कैसे बचाई जाए।

दिल्ली में इलाज के बाद बढ़ी चिंता

परिवार ने पहले दिल्ली में इलाज करवाया था। वहां जांच में पता चला कि बच्ची की बाईं आंख में कैंसर काफी फैल चुका है। डॉक्टरों ने जान बचाने के लिए उस आंख की सर्जरी की सलाह दी। ऑपरेशन के बाद जब दोबारा जांच हुई तो दाहिनी आंख में भी बीमारी के लक्षण दिखे। इससे माता-पिता काफी परेशान हो गए। उन्होंने ऐसे इलाज की तलाश शुरू की, जिससे बच्ची की आंख की रोशनी बच सके।

जयपुर में उन्नत तरीके से हुआ इलाज

सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मनीष राजपूत ने बताया कि दिल्ली के बाद बच्ची को जयपुर लाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद आंख बचाने का तरीका चुना। ऑप्थैल्मिक आर्टरी कीमोसर्जरी प्रोसीजर चुना गया। इलाज में आंख तक जाने वाली रक्त नली के जरिये सीधे दवा दी गई। इससे बीमारी वाली जगह पर दवा का असर ज्यादा हुआ और शरीर पर इसका दुष्प्रभाव कम पड़ा। यह इलाज फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल जयपुर में किया गया। इलाज के बाद बच्ची की दाहिनी आंख की रोशनी बचाने में मदद मिली है।

परिवार को मिली राहत, आगे भी इलाज जारी

डॉक्टरों के अनुसार इस तरीके से इलाज करने पर आंख बचने की संभावना बढ़ जाती है और बच्चे को लंबे समय तक अस्पताल में नहीं रहना पड़ता। फिलहाल बच्ची की हालत में सुधार है और आगे की जांच व इलाज जारी रहेगा। परिवार ने बताया कि एक आंख खोने के बाद दूसरी आंख पर खतरा बढ़ने से वे बेहद डरे हुए थे। अब उम्मीद जगी है कि बच्ची की बची हुई आंख की रोशनी बची रह सकेगी।