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जयपुर में अब 10 मिनट का सफर दो मिनट में…भूमिगत पार्किंग शुरू होने से भगवान दास मार्ग को मिली चैन की सांस

पीक ऑवर्स में जिस एक किमी के मार्ग को पार करने में आम तौर पर 10 से 12 मिनट लग जाते थे, वहां दो से ढाई मिनट लगे। सड़क किनारे खड़ी गाडि़यों की संख्या भी अन्य दिनों की तुलना में काफी कम रही।

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जयपुर

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Ashwani Kumar

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Ashwani Bhadauria

Feb 03, 2026

जयपुर. जाम से कराहती सड़क पर राहत का उत्सव है। जो सड़क रोज़ ‘कछुआदौड़’ का मैदान बनती थी, वहां अब ‘फॉर्मूला वन’ का ट्रैक नजर आ रहा है। हाईकोर्ट के सामने शुरू हुई भूमिगत पार्किंग का असर साफ दिख रहा था। पत्रिका रिपोर्टर सोमवार दोपहर 2 बजे भगवान दास मार्ग (आम्बेडकर सर्कल से लेकर स्टैच्यू सर्कल तक) गए तो यहां अलग नजारा दिखा। पीक ऑवर्स में जिस एक किमी के मार्ग को पार करने में आम तौर पर 10 से 12 मिनट लग जाते थे, वहां दो से ढाई मिनट लगे। सड़क किनारे खड़ी गाडि़यों की संख्या भी अन्य दिनों की तुलना में काफी कम रही।

न यातायात बाधित, न ट्रैफिक डायवर्जन
तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवान प्रकाश और अनिल कुमार ने बातचीत में बताया कि पूरे दिन एक बार भी ट्रैफिक डायवर्ट नहीं करना पड़ा। पहले पीक ऑवर्स में सडक़ पर पार्किंग और आवाजाही के कारण 15 से 20 बार यातायात बाधित होता था। हालात इतने बिगड़ जाते थे कि स्टैच्यू सर्कल और आम्बेडकर सर्कल से दिन में तीन-चार बार ट्रैफिक डायवर्ट करना मजबूरी बन जाती थी।

निगम कर रहा है संचालन
जेडीए ने पार्किंग बनाकर निगम को सौंप दी है। निगम ने गार्ड लगाकर पार्किंग का संचालन शुरू कर दिया है। निगम के राजस्व शाखा के अधिकारियों की मानें तो जल्द ही इसका टेंडर किया जाएगा। तब पार्किंग का शुल्क भी निर्धारित किया जाएगा। फिलहाल पार्किंग नि:शुल्क रहेगी।

पैसे लगे तो फिर सडक़ पर आ जाएंगे वाहन
हालांकि विशेषज्ञों लोगों का कहना है कि निगम ने यदि टेंडर किया और वाहनों से शुल्क लेना शुरू किया तो वाहन फिर से मुख्य सडक़ पर आ जाएंगे। ऐसे में नि:शुल्क पार्किंग की जाए तो जाम से निजात मिल सकती है।

ये की गई है व्यवस्था
-सेंट्रल पार्क के गेट संख्या 7 (आम्बेडकर सर्कल के पास) से पार्किंग में प्रवेश करेंगे। जब पार्किंग से बाहर निकलेंगे तो हाईकोर्ट के सामने भगवानदास मार्ग पर निकलेंगे।
-सूरज की रोशनी सीधे पार्किंग में पहुंचे और बिजली की खपत कम हो, इसके लिए विशेष डिजायन भी बनाए गए हैं। साथ ही पिलर को रंग-बिरंगा किया गया है ताकि लोगों को पता रहे कि गाड़ी कहां खड़ी की थी।
-जो लोग मुख्य सड़क पर गाड़ीखड़ी कर रहे थे, उनको यातायात पुलिस समझाइश कर पार्किंग में भेज रही थी।
-गाड़ी खड़ी करने के बाद बाहर आने के लिए 7 लिफ्ट हैं। वहीं, हाईकोर्ट परिसर में जाने वाले लोग सब-वे का उपयोग कर सकेंगे।

खास-खास
-511 चार पहिया, 190 दो पहिया एक साथ हो सकेंगे खड़े
-वाहन खड़े होने की है पार्किंग में व्यवस्था
-09 हजार वर्ग मीटर में भूमिगत पार्किंग दो तल में विकसित