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जगदलपुर, May 29, 2026

बूंद-बूंद को तरसे लोग! नाली में बर्तन रखकर भर रहे पानी, जल संकट से जूझ रहा जगदलपुर

Dirty Water Issue: जगदलपुर में जल संकट गहराता जा रहा है। जर्जर पाइपलाइन के कारण नलों में दूषित पानी पहुंच रहा है, जबकि कई बस्तियों में लोग नालियों के किनारे बर्तन रखकर पानी भरने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।

Jagdalpur Water Crisis

Jagdalpur Water Crisis(photo-patrika)

Jagdalpur Water Crisis: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर शहर में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। अब समस्या केवल पानी की कमी तक सीमित नहीं रही, बल्कि दूषित पानी की सप्लाई लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन गई है। शहर की पुरानी और जर्जर पाइपलाइनें कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे नलों में साफ पानी की जगह नाली का गंदा पानी पहुंच रहा है। हालात इतने खराब हैं कि कई बस्तियों में लोग मजबूरी में नालियों के किनारे बर्तन रखकर पानी भरने को विवश हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है।

Jagdalpur Water Crisis: निचली बस्तियों में सबसे ज्यादा संकट

शहर की निचली बस्तियों में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। यहां पानी का प्रेशर बेहद कम होने से लोगों तक पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। कई मोहल्लों में महिलाएं और बच्चे घंटों इंतजार के बाद भी पानी नहीं मिलने से परेशान हैं। कुछ स्थानों पर लोग गंदी नालियों में खड़े होकर पानी भरते नजर आए, जिसने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और विकराल होती जा रही है, जबकि जिम्मेदार विभाग केवल आश्वासन देने तक सीमित हैं।

पुरानी पाइपलाइन बनी बड़ी वजह

नागरिकों के मुताबिक शहर में वर्षों पुरानी पाइपलाइन अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। कई स्थानों पर पाइपलाइन टूट चुकी है, जिससे नाली और गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है। इसके कारण घरों तक पहुंचने वाला पानी दूषित हो गया है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पाइपलाइन सुधार का काम केवल कागजों तक सीमित रहता है। समय पर मरम्मत नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

टुल्लू पंपों से बिगड़ी जलापूर्ति व्यवस्था

शहर में बड़ी संख्या में लोग टुल्लू पंपों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे जल वितरण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। जिन इलाकों में पहले सामान्य रूप से पानी पहुंचता था, वहां भी अब बूंद-बूंद पानी के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक मोटर और टुल्लू पंपों के इस्तेमाल से पाइपलाइन में असंतुलन पैदा हो रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर निचले और दूरस्थ इलाकों पर पड़ रहा है।

पीलिया और बीमारियों का बढ़ा खतरा

दूषित पानी की सप्लाई के कारण शहर में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के बीच पीलिया के मरीज बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य संकट और गहरा सकता है। डॉक्टरों का भी मानना है कि गंदे पानी के सेवन से पीलिया, डायरिया और अन्य संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है।

नगर निगम से लोगों की मांग

शहरवासियों ने नगर निगम और प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि पुरानी पाइपलाइन को बदलने, नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने और दूषित पानी की समस्या रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई जरूरी है। नागरिकों ने यह भी मांग की है कि अवैध टुल्लू पंपों पर नियंत्रण किया जाए और जल वितरण व्यवस्था को संतुलित बनाया जाए, ताकि हर घर तक समान रूप से पानी पहुंच सके।

प्रशासन के दावे और जमीनी हकीकत

प्रशासन की ओर से लगातार व्यवस्था सुधारने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात लोगों की परेशानी साफ बयां कर रहे हैं। कई इलाकों में लोग आज भी पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गर्मी के इस मौसम में जल संकट ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में यह समस्या बड़े जनस्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।

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