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बस्तर में जेलों की बदल रही स्थिति, 50 साल की जरूरतों के आधार पर काम शुरू

जगदलपुर जेल में बन रहे 11 नए बैरक, उप जेलों में भी विस्तार पर किया जा रहा काम

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बस्तर में जेलों की बदल रही स्थिति, 50 साल की जरूरतों के आधार पर काम शुरू

जगदलपुर सेंट्रल जेल

पत्रिका एक्सक्लूसिव
आकाश मिश्रा
जगदलपुर। जेलों में कैदियों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। देशभर की जेलों में कैदियों की संख्या के अनुपात में जगह की कमी है। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ महीने पहले इसे लेकर सभी राज्यों को एक निर्देश दिया था। इसके आधार पर जेलों की स्थिति सुधारने और उन्हें आने वाले 50 साल की जरूरतों के आधार पर तैयार करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। जगदलपुर सेंट्रल जेल की बात करें तो यहां पर 11 नए बैरक बनाए जा रहे हैं। हर बैरक में 50 कैदी रह पाएंगे यानी 11 बैरक में 550 कैदियों की क्षमता बढ़ जाएगी। इस वक्त जगदलपुर जेल में २ हजार कैदी अलग-अलग सजाओं में कैद हैं। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कलेक्टर व मजिस्ट्रेट समेत अन्य अफसरों ने जेल की जरूरतों को समझने के लिए जैल का दौरा किया था। जगदलपुर समेत संभाग की सभी जेलों का इसी तरह से अफसरों ने दौरा किया था। इसी के आधार पर जिलों से प्रमुख सचिव को रिपोर्ट सौंपी गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर जेलों के विस्तार की योजना बनाई गई। बस्तर संभाग में दंतेवाड़ा, नारायणपुर,कांकेर और भानुप्रतापपुर उपजेल में कैदियों की मौजूदा क्षमता को देखते हुए भविष्य की जरूरत के आधार पर निर्माण शुरू कर दिए गए हैं। हर जेल में बैरक की संख्या बढ़ाई जा रही है। जगदलपुर जेल में सबसे ज्यादा बैरक बन रहे हैं।

ऑनलाइन सुनवाई के लिए डिजिटलाइजेशन पर भी काम
कई मामलों में कैदी हाई कोर्ट तक नहीं जा पाते। ऐसे मामलों की सुनवाई जेलों से ही ऑनलाइन मोड पर होती है। इसके लिए जेलों को डिजिटलाइज करने पर भी काम शुरू कर दिया गया है। जेलों को हाई स्पीड इंटरनेट से लैस किया जा रहा है ताकि सुनवाई के दौरान किसी भी तरह का व्यवधान पैदा ना हो। इसके साथ ही ऑनलाइन सुनवाई के लिए जेल कर्मियों को भी विशेष रूप से ट्रेंड किया जा रहा है।

उप जेलों का बुरा हाल, अब सुधरेंगे हालात
जगदलपुर के सेंट्रल जेल में इस वक्त दो हजार कैदी हैं लेकिन संभाग के बाकी उप जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों के होने की जानकारी सामने आती रही। तय मानक के अनुसार एक बैरक में 50 कैदी होने चाहिए लेकिन एक बैरक में 70 से 80 कैदियों को रखा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए देश के सभी राज्यों को जेलों के विस्तार पर काम शुरू करने का निर्देश दिया था।

खेल मैदान के साथ ही अन्य मूलभूत निर्माण भी किए जा रहे
जेलों में कैदियों को स्वस्थ माहौल मिल पाए इसलिए खेल मैदान भी बनाए जा रहे हैं। जहां पहले से मैदान हैं उन्हें भविष्य की जरूरत के हिसाब से बनाया जा रहा है। जेलों में कैदियों का मानसिक स्वास्थ्य सबसे अहम होता है इसलिए इस पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा उन्हें साफ शौचालय उपलब्ध करवाने की दिशा में भी काम हो रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर काम
माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हमने भी जिला स्तर सेंट्रल जेल का निरीक्षण किया था। इसके बाद जिन जरूरतों पर काम शुरू करना था, उन पर हमने काम शुरू कर दिया है। जगदलपुर सेंट्रल जेल में हम 11 बैरक बनवा रहे हैं जिनमें 550 कैदियों की क्षमता होगी। अन्य सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। बढ़ते क्राइम रेट और 50 साल की जरूरतों के आधार पर काम किए जा रहे हैं।
विजय दयाराम के. कलेक्टर बस्तर

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