जबलपुर, Aug 07, 2024

married couple
marride couple : विद्यासागर भवन लार्डगंज (लाखा भवन) में मंगलवार को अद्भुत दृश्य था। पांच सौ नवविवाहित व वर्षों पूर्व विवाहित जोड़ों ने उपाध्याय श्रमण मुनि विरंजन सागर के सान्निध्य में विवाह संस्कार की महत्ता को समझा। अन्य धार्मिक संस्कारों का ज्ञान और उनके पालन का संकल्प किया। शिविर में जोड़ों ने आजीवन एक-दूसरे के समान का भी संकल्प लिया।Jabalpur मुनि विरंजन सागर ने कहा, सृष्टि का नियम है कि हमेशा भक्त भगवान के दर्शन को जाते हैं। लेकिन, यह संस्कार शिविर ऐसा अवसर है, जहां गुरुदेव स्वयं चलकर श्रावक-श्राविकाओ के पास आए हैं।
उन्होंने कहा कि विवाह हमारी संस्कृति के 16 संस्कारों में श्रेष्ठ संस्कार है। जब इस संस्कार पर गुरुओं का आशीर्वाद मिल जाता है तो व्यक्ति का जीवन सफल हो जाता है। बड़े ही सौभाग्य के दिन होते हैं जब संत स्वयं चलकर श्रावक-श्राविकाओं का संस्कार करते है। ये संस्कार आत्मा के कल्याण का मार्ग बनेंगे।
संस्कार शिविर में मुनिश्री ने कहा कि संत से संस्कार प्राप्त होना सौभाग्य है। बुरे कार्यों का त्याग कर धार्मिक राह से जुड़ें, ऐसा आशीर्वाद है। इस दौरान आचार्यश्री विराग सागर के चित्र का अनावरण किया गया। द्वीप प्रज्ज्वलित कर भक्तों ने पूज्य गुरुदेव का पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किए।
कार्यक्रम में नन्हे जैन मंदिर चार्तुमास कमेटी, शास्नोदय मुनि सुव्रतनाथ महिला परिषद् हनुमानताल, जूडी तलैया महिला परिषद, आदिनाथ दिगंबर जैन महिला परिषद दरहाई, ड्योडिया मंदिर महिला परिषद्, महिला परिषद् मिलौनीगंज, त्रिशला माता जैन महिला परिषद मढियाजी, सुभाष नगर महिला मंडल, शास्त्री नगर महिला मंडल ने हिस्सा लिया।
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Published on: 07 Aug 2024 06:11 pm

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