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इंदौर, Jun 02, 2026

इंदौर में तेजी से घटी प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त, फिर भी रजिस्ट्री पर बढ़ गई सरकार की कमाई

Indore Property : शहर में सिर्फ दो महीने में 1450 रजिस्ट्रियां घटीं हैं, फिर भी सरकार की कमाइ बढ़ गई है। बड़ी गाइडलाइन ने पंजीयन विभाग का खजाना संभाला हुआ है। ताजा आंकड़ों ने रियल एस्टेट बाजार की दिलचस्प तस्वीर सामने रखी।

Indore Property

2 महीने में 1450 रजिस्ट्रियां घटीं पर सरकार की कमाई बढ़ गई (Photo Source- Patrika)

Indore Property Transaction : पंजीयन विभाग की ओर से जारी ताजा आंकड़ों ने रियल एस्टेट बाजार की एक दिलचस्प तस्वीर सामने रखी है। बात करें मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर की तो यहां संपत्तियों की खरीद फरोख्त के दस्तावेजों की संख्या भले ही कम हुई हो, लेकिन सरकार की कमाई बढ़ गई है। वित्तीय वर्ष के पहले महीने में पिछले साल की तुलना में 1450 कम रजिस्ट्रियां दर्ज हुईं है, इसके बावजूद भी विभाग को 26 करोड़ रुपए अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है। इसकी बड़ी वजह इस साल लागू हुई बढ़ी हुई गाइडलाइन दरें। इसी को सरकार का खजाना भरने में मददगार माना जा रहा है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल और मई के महीने को मिलाकर पंजीयन विभाग को 328 करोड़ रुपए का राजस्व की प्राप्ति हुई है। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि पर गौर करे तो ये आंकड़ा करीब 302 करोड़ रुपए था। यानी दो महीने में राजस्व में लगभग 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, दस्तावेजों की संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं दिखाई दी। दो महीने में कुल 25,405 दस्तावेज पंजीबद्ध किए गए हैं। वहीं, सिर्फ मई के महीने की बात करें तो 13,320 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है, जबकि पिछले साल मई में 14,770 दस्तावेज पंजीकृत किए गए थे। यानी एक वर्ष में मई माह के दौरान रजिस्ट्रियां की संख्या में करीब 1,450 दस्तावेजों की कमी आई है। दूसरी तरफ दस्तावेजों की संख्या कम होने के बावजूद राजस्व बढ़ना इस बात का संकेत है कि, उच्च मूल्य की संपत्तियों के सौदे अधिक हुए हैं।

लक्ष्य से 74 प्रतिशत ही करीब

विभाग के लिए। चता की बात यह है कि वित्तीय वर्ष के शुरुआती दो माह में वह अपने निर्धारित वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले करीब 74 प्रतिशत प्रदर्शन ही कर पाया है। आने वाले महीनों में रियल एस्टेट बाजार की गतिविधियां बढ़ती हैं या नहीं इस पर विभाग की लक्ष्य पूर्ति काफी हद तक निर्भर करेगी।

सुपर कॉरिडोर बना रजिस्ट्री का हॉटस्पॉट

सुपर कॉरिडोर और आसपास के क्षेत्रों में संपत्तियों की मांग लगातार बनी हुई है। पंजीयन विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस क्षेत्र में रजिस्ट्रियों की संख्या बढ़कर 3916 तक पहुंच गई। हालांकि यह बढ़ोतरी सीमित रही और आंकड़ा 4 हजार के आंकड़े को भी नहीं छू सका। राजस्व के लिहाज से भी यह क्षेत्र विभाग के लिए अहम बना हुआ है। सबसे अधिक आय इंदौर-3 कार्यालय क्षेत्र से हुई, जहां दो माह में करीब 54 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।

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