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एमपी में नई तकनीक से बनेंगी सड़कें, न दरारें पड़ेंगी न उखड़ेंगी

Indore Bypass- जियोग्रिड तकनीक से बननेवाली सड़क में दरारें पड़ने और उखड़ने की समस्या समाप्त हो जाएगी।

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Indore Bypass to be rebuilt using new geogrid technology

Indore Bypass to be rebuilt using new geogrid technology

Indore Bypass - मध्यप्रदेश में अनेक एक्सप्रेस वे, नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे बन रहे हैं। इनकी गुणवत्ता पर विशेष फोकस किया जा रहा है। प्रदेश में सड़क निर्माण के लिए नई तकनीक अपनाई जा रही है। मजबूत सड़क बनाने के लिए जियोग्रिड तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इंदौर में इसी तकनीक से बायपास निर्माण किया जाएगा। सांसद शंकर लालवानी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद यह बात बताई। उन्होंने कहा कि बायपास सड़क निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल गई है। इंदौर बायपास पूरी तरह उखड़ चुका है। अब जियोग्रिड तकनीक से बननेवाली सड़क में दरारें पड़ने और उखड़ने की समस्या समाप्त हो जाएगी।

इंदौर बायपास को शहर की लाइफलाइन कहा जाता है। करीब ढाई दशक पुरानी यह सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है। कई जगहों पर बड़े गड्ढे बन चुके हैं। उखड़ी सड़क के कारण खूब हादसे हो रहे हैं। खासकर बाइक स्लिप होने की घटनाएं बढ़ गई हैं जिससे लोग घायल हो रहे हैं। इस सड़क से रोज हजारों कार बाइक निकलती हैं।

इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर उन्हें बायपास की दुरावस्था से अवगत कराया। उन्होंने बायपास और आसपास के राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति की समीक्षा की। स्थिति की गंभीरता समझते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 100 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए। इससे जियोग्रिड तकनीक से बायपास की मजबूत लेयर तैयार की जाएगी। नई तकनीक के इस्तेमाल से सड़क पर न तो दरारें पड़ेंगी और न ही उखड़ेंगी।

सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा दिए गए फंड से बायपास की री-लेयरिंग का काम किया जाएगा। इसे जियोग्रिड तकनीक से मजबूत बनाया जाएगा जिससे विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी।

क्या होती है जियोग्रिड तकनीक

जियोग्रिड तकनीक में सिंथेटिक जियो मटेरियल की परत बनाई जाती है। इससे दरारें नहीं होतीं और उखड़न भी रुक जाती है। इस परत के ऊपर डामर की परत बनाई जाएगी जिससे सड़क चिकनी, सपाट और टिकाऊ बनेगी। जियोग्रिड तकनीक में मिट्टी और सड़क के बीच की परत ज्यादा स्थिर व मजबूत बनती है जिससे सड़कों की आयु बढ़ जाती है।