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शैक्षणिक भ्रमण से मिला ज्ञान और संस्कार

गदग जिले की एमकेबीएस हुलकोटि स्कूल के विद्यार्थियों ने हाल ही में एक शैक्षणिक पर्यटन टूर के तहत गदग शहर के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। इस शैक्षणिक यात्रा का उद्देश्य बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना, सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना और समाजिक-नैतिक मूल्यों को मजबूत करना […]

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एमकेबीएस हुलकोटि स्कूल के विद्यार्थियों को बसवेश्वर के बारे में जानकारी देते हुए।

एमकेबीएस हुलकोटि स्कूल के विद्यार्थियों को बसवेश्वर के बारे में जानकारी देते हुए।

गदग जिले की एमकेबीएस हुलकोटि स्कूल के विद्यार्थियों ने हाल ही में एक शैक्षणिक पर्यटन टूर के तहत गदग शहर के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। इस शैक्षणिक यात्रा का उद्देश्य बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना, सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना और समाजिक-नैतिक मूल्यों को मजबूत करना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और जिज्ञासा साफ दिखाई दी। विद्यालय प्रबंधन ने भी इस पहल की सराहना की और भविष्य में ऐसे और शैक्षणिक भ्रमण आयोजित करने की बात कही। स्कूल के शिक्षक एस.के. मठपति, शिक्षिका विजयलक्ष्मी हीरेकोप्पा एवं शिक्षिका अनुपमा बिबाल्ले साथ थीं।

धार्मिक स्थलों पर इतिहास और परंपरा की जानकारी
भ्रमण के क्रम में विद्यार्थियों ने त्रिकूटेश्वर मंदिर, वीरनारायण मंदिर सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का दौरा किया। शिक्षकों ने इन स्थलों के ऐतिहासिक महत्व, स्थापत्य शैली, धार्मिक परंपराओं और उनसे जुड़े सामाजिक संदेशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बच्चों को यह भी बताया गया कि किस प्रकार ये स्थल हमारी सांस्कृतिक पहचान को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों ने प्रश्न-उत्तर के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक
एमकेबीएस हुलकोटि स्कूल के शिक्षक एस.के.मठपति ने कहा, इस प्रकार के पर्यटन टूर से बच्चों में इतिहास, संस्कृति और समाज के प्रति समझ विकसित होती है। जब वे किसी स्थल को स्वयं देखते हैं, तो जानकारी लंबे समय तक स्मरण रहती है। यह भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक है और उन्हें अपनी विरासत पर गर्व करना सिखाता है।

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