26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आम बजट से स्थानीय व्यापार को संरक्षण की उम्मीद

आम बजट को लेकर व्यापार जगत की उम्मीदें एक बार फिर सामने आई हैं। बढ़ती महंगाई, ऑनलाइन कारोबार की चुनौती और जीएसटी दरों जैसे मुद्दों पर स्थानीय व्यापारियों की निगाहें आगामी बजट पर टिकी हैं। उनका मानना है कि यदि बजट में जमीनी स्तर के व्यापारियों और आम नागरिकों को प्राथमिकता दी गई, तो इससे […]

less than 1 minute read
Google source verification
आम बजट

आम बजट

आम बजट को लेकर व्यापार जगत की उम्मीदें एक बार फिर सामने आई हैं। बढ़ती महंगाई, ऑनलाइन कारोबार की चुनौती और जीएसटी दरों जैसे मुद्दों पर स्थानीय व्यापारियों की निगाहें आगामी बजट पर टिकी हैं। उनका मानना है कि यदि बजट में जमीनी स्तर के व्यापारियों और आम नागरिकों को प्राथमिकता दी गई, तो इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय बाजारों को नया संबल मिलेगा।

ऑनलाइन बिक्री के बढ़ते दबाव से जूझ रहे पारंपरिक व्यापारी

हुब्बल्ली के बिजनेसमैन मुकेश बागरेचा कहते हैं, सरकार को आम बजट में स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों के संरक्षण के लिए ठोस व समर्पित प्रावधान करने चाहिए। ऑनलाइन बिक्री के अनियंत्रित विस्तार से पारंपरिक व्यवसायों पर गहरा असर पड़ा है। मुनाफा लगातार घट रहा है और वर्षों से जुड़े ग्राहक भी छिनते जा रहे हैं। यदि समय रहते स्थानीय व्यापार को समर्थन नहीं मिला, तो इसका सीधा असर रोजगार, स्थानीय बाजारों और आर्थिक संतुलन पर पड़ेगा। स्थानीय व्यवसायों को सशक्त बनाना न केवल लाखों लोगों के रोजगार की रक्षा करेगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को भी मजबूती देगा।

इलेक्ट्रिकल्स आइटमों को सस्ता करें
इलेक्ट्रिकल्स के व्यापारी वोराराम सोलंकी मुसालिया कहते हैं, आम बजट से महंगाई पर अकुश लगाने का प्रावधान हो। आज हर वस्तु महंगी हो चुकी है, जिससे आम उपभोक्ता की क्रय शक्ति प्रभावित हुई है और बाजार में बिक्री भी कमजोर पड़ी है। विशेष रूप से इलेक्ट्रिकल्स आइटमों पर जीएसटी दरों में कटौती की जानी चाहिए। यदि इन वस्तुओं को कर राहत दी जाए, तो इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, मांग बढ़ेगी और व्यापार को गति मिलेगी। इससे सरकार के राजस्व के साथ-साथ बाजार में सकारात्मक माहौल भी बनेगा।