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मकर संक्रांति पर मौन टूटा, मुस्कान बोली, तिल की मिठास और अपनत्व की गर्माहट से रोशन हुए बच्चों के चेहरे

मकर संक्रांति का पर्व जब केवल परंपरा नहीं, बल्कि संवेदना और सहभागिता का माध्यम बन जाए, तो उसका प्रभाव दिलों तक उतर जाता है। ऐसा ही भावुक और प्रेरक दृश्य उस समय देखने को मिला जब हिंदी दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका की मेजबानी में प्रियदर्शिनी मूक-बधिर आवासीय विद्यालय में मकर संक्रांति का पर्व बच्चों के साथ मनाया गया। मकर संक्रांति का यह पर्व मूक-बधिर बच्चों के साथ मनाकर उनके चेहरों पर खुशी लाने का एक सच्चा प्रयास बना, जहां मौन ने भी मुस्कान की भाषा बोल दी।

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मकर संक्रांति की खुशियों के बीच हुब्बल्ली के मूक-बधिर स्कूल में आयोजित नृत्य प्रतियोगिता की विजेता, अतिथियों के संग पुरस्कारों के साथ।

मकर संक्रांति की खुशियों के बीच हुब्बल्ली के मूक-बधिर स्कूल में आयोजित नृत्य प्रतियोगिता की विजेता, अतिथियों के संग पुरस्कारों के साथ।

खुशी शब्दों की मोहताज नहीं
तिल से बने पारंपरिक व्यंजनों की मिठास के बीच बच्चों के चेहरों पर जो मुस्कान खिली, वह इस बात का प्रमाण थी कि खुशी शब्दों की मोहताज नहीं होती। बच्चों के साथ पर्व मनाते हुए यह एहसास गहराता गया कि वे मूक-बधिर नहीं हैं, उन्हें केवल साथ, स्नेह और अपनापन चाहिए। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। संगीत की धुन पर बच्चों की भाव-भंगिमाएं और उत्साह देखकर उपस्थित सभी लोगों के चेहरे भी खिल उठे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को उपहार व पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका आत्मविश्वास और उत्साह और बढ़ा।

स्कूल को 14 दरियां भेंट
समारोह के मुख्य सहयोगी चौधरी आंजणा पटेल समाज सेवा संघ हुब्बल्ली-धारवाड़ के पूर्व अध्यक्ष दूदाराम चौधरी थोब ने विद्यालय के लिए 14 बड़ी दरियां भेंट कीं। इसके साथ ही उनके परिवार की ओर से सभी बच्चों एवं शिक्षकों को तिल के व्यंजन प्रदान किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत में मंजू चौधरी ने मकर संक्रांति की महिमा बताते हुए इसके सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।

धार्मिक परंपराओं की जानकारी साझा
समारोह के मुख्य सहयोगी दूदाराम चौधरी थोब ने पर्व से जुड़े व्यंजनों और धार्मिक परंपराओं की जानकारी साझा की। समारोह में गीगीदेवी चौधरी, मंजूदेवी चौधरी, रूशिका चौधरी एवं रोहित चौधरी ने नृत्य प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए। चौधरी परिवार की ओर से सभी छात्रों एवं शिक्षकों को तिल से बने व्यंजन प्रदान किए। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य गिरीजा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। प्रारंभ में राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के संपादकीय प्रभारी अशोक सिंह राजपुरोहित ने पत्रिका के सामाजिक सरोकारों की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में संवेदनशीलता और समावेश की भावना को मजबूत करते हैं।

नृत्य प्रतियोगिता में दी बेहतरीन प्रस्तुति
इस अवसर पर आयोजित नृत्य प्रतियोगिता में प्रदीप, सदाशिव, नागराज, ईश्वर, प्रवीण, राहुलगौडर, अंकिता चलवदी, सुमा, सुधा, साहना, लावण्या, नर्गिस, अंकिता बलिया, दावलबी की प्रस्तुति सराहनीय रही। शिक्षिका उमा ने नृत्य की बारीकियां बताईं।