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भारत, May 31, 2026

Tobacco Side Effects on Bones: सिगरेट और गुटखा आपकी हड्डियों को चुपचाप कमजोर बना रहे हैं, रूमेटोलॉजिस्ट ने बताया कैसे

Weak Bones Symptoms: वर्ल्ड नो टोबैको डे 2026 पर रूमेटोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र वैष्णव ने बताया कि धूम्रपान और गुटखा सिर्फ कैंसर ही नहीं, बल्कि हड्डियों को भी गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। जानिए तंबाकू से ऑस्टियोपोरोसिस, फ्रैक्चर और कमर दर्द का खतरा कैसे बढ़ता है।

World No Tobacco Day 2026 Smoking and Bone Health Gutkha Side Effects

कमजोर होती हड्डियों को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo- freepik)

World No Tobacco Day 2026: जब भी कोई सिगरेट का धुआं उड़ाता है या जेब से निकालकर गुटखा चबाता है, तो उसे लगता है कि ज्यादा से ज्यादा कैंसर ही तो होगा। लेकिन आज वर्ल्ड नो टोबैको डे पर डॉक्टर ने एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसे सुनकर आप अपनी सिगरेट फेंक देंगे। तंबाकू सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि आपके पूरे शरीर के ढांचे को अंदर ही अंदर दीमक की तरह चाट रहा है।

रूमेटोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र वैष्णव ने बताया कि तंबाकू का सेवन करने वाले लोग बहुत कम उम्र में ही हड्डियों की गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। आइए बिल्कुल आसान शब्दों में समझते हैं कि ये जहर आपकी हड्डियों के साथ क्या गेम खेल रहा है।

  1. हड्डियों का खान रोक देता है निकोटीन

हड्डियों को फौलाद जैसा मजबूत रखने के लिए दो चीजें सबसे जरूरी हैं, कैल्शियम और विटामिन-D। जब आप गुटखा खाते हैं या धूम्रपान करते हैं, तो निकोटीन आपकी आंतों को ब्लॉक कर देता है। इससे आप चाहे कितना भी दूध पी लें या अच्छी डाइट ले लें, शरीर कैल्शियम को सोख ही नहीं पाता। नतीजा? हड्डियां अंदर से खोखली होने लगती हैं।

  1. नई हड्डी बनना पूरी तरह बंद

हमारा शरीर रोज पुरानी हड्डियों को रिपेयर करता है और नई कोशिकाएं (Cells) बनाता है। तंबाकू में मौजूद खतरनाक केमिकल इन नई हड्डी बनाने वाली सेल्स को सीधे जान से मार देते हैं। इससे हड्डियों की डेंसिटी (मोटाई और मजबूती) इतनी कम हो जाती है कि वे कांच जैसी कमजोर हो जाती हैं। मेडिकल भाषा में इसे ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं।

  1. ब्लड सर्कुलेशन जाम, बढ़ने लगता है पीठ दर्द

निकोटीन शरीर की खून की नसों को सिकोड़ देता है। जब रीढ़ की हड्डी और जोड़ों तक खून का दौरा (Blood Supply) ही ठीक से नहीं होगा, तो उन्हें ऑक्सीजन कैसे मिलेगी? यही वजह है कि सिगरेट-गुटखा पीने वाले युवाओं में आजकल पीठ दर्द, कमर दर्द और घुटनों का घिसना 30 की उम्र में ही शुरू हो रहा है।

  1. मामूली झटका लगा और फ्रैक्चर!

डॉ. वैष्णव बताते हैं कि तंबाकू खाने वाले मरीजों की हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि जरा सा पैर मुड़ने या छींक आने तक से फ्रैक्चर हो जाता है। सबसे डरावनी बात यह है कि तंबाकू का सेवन करने वालों की टूटी हुई हड्डी जल्दी जुड़ती भी नहीं है। जहां एक आम इंसान की हड्डी 2 महीने में जुड़ती है, वहीं इनके केस में साल भर तक लग जाता है।

क्या करें कि हड्डियां बची रहें?

  • सबसे पहले सिगरेट और गुटखे को हमेशा के लिए गुडबाय कहें।
  • खाने में दूध, दही, पनीर और हरी सब्जियां बढ़ाएं।
  • रोज सुबह 15-20 मिनट की धूप लें ताकि शरीर को नेचुरल विटामिन-D मिले।
  • दिन भर कुर्सी पर बैठने के बजाय सुबह-शाम वॉक या हल्की एक्सरसाइज जरूर करें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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