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भारत, Jun 03, 2026

Shaking Hands Causes: हाथों में कंपन क्यों होता है और कब डॉक्टर से दिखाना हो जाता है जरूरी, जानिए

Shaking Hands Causes: फिजिशियन डॉ. विपुल अग्रवाल (MBBS, MD, FAGE, CPCDM,RSSDI) और मनोचिकित्सक डॉ. आदित्य सोनी (MD,Psychiatrist) से जानते हैं कि अक्सर हाथ कांपने के पीछे की वजह क्या होती है। यह कंपन कब सामान्य होता है और कब पार्किंसंस या एंजाइटी बीमारी का संकेत हो सकता है।

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हाथ का कांपना- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Shaking Hands Causes: अक्सर हम देखते हैं कि कुछ लोगों के हाथ अचानक कांपने लगते हैं। कभी चाय का कप पकड़ते समय हाथ हिल जाता है, तो कभी लिखते समय उंगलियां साथ नहीं देतीं। ज्यादातर लोग इसे कमजोरी या थकान मानकर टाल देते हैं। अगर आपके हाथ लगातार कांप रहे हैं, तो यह शरीर के भीतर किसी बीमारी की दस्तक हो सकती है।

आराम करते समय हाथ कांपना

फिजिशियन डॉ. विपुल अग्रवाल बताते हैं कि मेडिकल साइंस में हाथ कांपने को ट्रेमर्स (Tremors) कहा जाता है। हमें सबसे पहले यह समझना होगा कि कंपन किस तरह का है।

1. रेस्टिंग ट्रेमर (Resting Tremor)- नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, जब आप बिल्कुल शांत बैठे हैं और तब भी हाथ कांप रहे हैं, तो यह सबसे ज्यादा चिंता की बात है। यह पार्किंसंस (Parkinson's) बीमारी का शुरुआती लक्षण हो सकता है। इसमें दिमाग की कोशिकाएं कमजोर होने लगती हैं।

2. एसेंशियल ट्रेमर (Essential Tremor)- क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यह समस्या तब दिखती है जब आप कोई काम करने जाते हैं, जैसे पानी का ग्लास उठाना, चम्मच से खाना या सुई में धागा डालना। यह अक्सर जेनेटिक (पारिवारिक) होती है और उम्र बढ़ने के साथ बढ़ सकती है।

3. शरीर के एक ही हिस्से में असर- अगर कंपन केवल एक ही हाथ या पैर से शुरू हुआ है, तो बिना देर किए न्यूरोलॉजिस्ट या फिजिशियन को दिखाना चाहिए।

तनाव और कैफीन का हाथ कांपने से संबंध

मनोचिकित्सक डॉ. आदित्य सोनी इस पर मानसिक समस्या और लाइफस्टाइल से जुड़ी बातें बताते हैं। उनका कहना है कि हर बार हाथ कांपने का संबंध न्यूरो की बीमारी से ही नहीं होता, इसके पीछे आपका बिगड़ा हुआ मानसिक संतुलन भी हो सकता है।

1. एंजाइटी और पैनिक अटैक- जब कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा तनाव, घबराहट या डिप्रेशन से गुजरता है, तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (जैसे एड्रेनालिन) का लेवल बढ़ जाता है। इसके कारण हाथ-पैर में कंपन होने लगता है।

2. चाय-कॉफी का ओवरडोज- डॉ. सोनी के अनुसार, जो लोग दिनभर में 4-5 कप से ज्यादा चाय या कॉफी पीते हैं, उनके शरीर में कैफीन की मात्रा ज्यादा हो जाती है। कैफीन हमारे नर्वस सिस्टम को जरूरत से ज्यादा उत्तेजित (Overstimulate) कर देता है, जिससे हाथ कांपने की समस्या शुरू हो सकती है।

3. नींद की कमी और शराब की लत- लगातार कई दिनों तक ठीक से न सोना या अचानक शराब छोड़ना (Alcohol Withdrawal) भी दिमाग के सिग्नल्स को गड़बड़ कर देता है, जिससे हाथों पर कंट्रोल नहीं रहता।

कब जाना चाहिए डॉक्टर के पास?

  • हाथ कांपने की वजह से रोजमर्रा के काम मुश्किल हो रहे हों।
  • कंपन के साथ-साथ चलने-फिरने की रफ्तार धीमी हो गई हो।
  • पूरा शरीर ही हिलने लगा हो।

बचाव के लिए क्या करें?

  • चाय और कॉफी की मात्रा कम कर दें।
  • 7-8 घंटे की गहरी नींद जरूरी है।
  • रोज 15 मिनट प्राणायाम, ध्यान या गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करें।
  • थायराइड हार्मोन बढने (Hyperthyroidism) की वजह से भी हाथ कांपते हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह पर ब्लड टेस्ट जरूर करवाएं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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