16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Mpox Virus New Variant: क्या फिर से फैल सकती है महामारी? Mpox के नए रूप ने बढ़ाई टेंशन

Mpox Virus New Variant: Mpox का नया खतरनाक वेरिएंट सामने आया! दो वायरस मिलकर बना नया स्ट्रेन WHO ने दी निगरानी बढ़ाने की चेतावनी। क्या है जोखिम? पढ़ें पूरी खबर।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Dimple Yadav

Feb 16, 2026

Mpox Virus New Variant

Mpox Virus New Variant (photo- gemini ai)

Mpox Virus New Variant: संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी World Health Organization (WHO) ने हाल ही में एक नई तरह के एमपॉक्स वायरस के मिलने की जानकारी दी है। यह वायरस दो अलग-अलग पुराने स्ट्रेन के जेनेटिक मटेरियल से मिलकर बना है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में रिकॉम्बिनेंट यानी मिश्रित स्ट्रेन कहा जाता है। हालांकि WHO का कहना है कि फिलहाल दुनिया भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम का स्तर पहले जैसा ही है और घबराने की जरूरत नहीं है।

अब तक इस नए स्ट्रेन के सिर्फ दो मामले सामने आए हैं, एक United Kingdom में और दूसरा India में। दोनों मरीजों ने हाल ही में यात्रा की थी और अच्छी बात यह है कि किसी को भी गंभीर बीमारी नहीं हुई। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के बाद भी इनके संपर्क में आए लोगों में संक्रमण नहीं मिला।

रिकॉम्बिनेशन क्या होता है?

जब दो मिलते-जुलते वायरस एक ही व्यक्ति को संक्रमित करते हैं, तो वे अपने जेनेटिक हिस्सों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। इससे एक नया वेरिएंट बन जाता है। इसे एक प्राकृतिक प्रक्रिया माना जाता है और समय-समय पर कई वायरस में ऐसा देखा गया है। WHO के मुताबिक दोनों मरीजों में मिला नया स्ट्रेन एक जैसा है, जबकि वे अलग-अलग समय पर बीमार पड़े थे। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि ऐसे कुछ और मामले बिना पहचान के भी हो सकते हैं।

एमपॉक्स क्या है?

एमपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के करीब आने से फैलती है। यह त्वचा से त्वचा संपर्क, यौन संपर्क, संक्रमित चीजों को छूने या कभी-कभी सांस की बूंदों से भी फैल सकती है। इसके आम लक्षणों में बुखार, लिम्फ नोड्स में सूजन और शरीर पर दाने या घाव शामिल हैं।

दोनों मामलों में क्या खास रहा?

ब्रिटेन में दिसंबर 2025 में एक यात्री में यह संक्रमण पाया गया। शुरू में जांच में एक सामान्य स्ट्रेन लगा, लेकिन बाद में जीनोम सीक्वेंसिंग से पता चला कि यह मिश्रित स्ट्रेन है, जो आगे भी फैल सकता है। भारत में सितंबर 2025 का मामला सबसे पहले सामने आया था, लेकिन बाद में वैश्विक डेटा अपडेट होने पर इसे भी उसी नए स्ट्रेन के रूप में पहचाना गया।

जोखिम कितना है?

WHO का कहना है कि अभी इस नए स्ट्रेन के बारे में ज्यादा निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। कुल मिलाकर जोखिम सामान्य लोगों के लिए कम है, लेकिन जिन लोगों के कई यौन साथी हैं या जोखिम वाले व्यवहार में शामिल हैं, उनके लिए जोखिम मध्यम माना गया है। संगठन ने सभी देशों को सतर्क रहने, जीनोमिक निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर टीकाकरण व संक्रमण नियंत्रण उपाय जारी रखने की सलाह दी है। अभी यात्रा या व्यापार पर कोई प्रतिबंध लगाने की जरूरत नहीं बताई गई है।