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कैंसर मरीजों के लिए खुशखबरी! AstraZeneca को भारत में मिली मंजूरी, गेमचेंजर साबित हो सकती है ये दवा

AstraZeneca की इम्यूनोथेरेपी दवा Durvalumab (Imfinzi) को एंडोमेट्रियल और गैस्ट्रिक कैंसर के इलाज में नई मंजूरी मिली।

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भारत

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Dimple Yadav

Feb 10, 2026

AstraZeneca Imfinzi India approval

AstraZeneca Imfinzi India approval (photo- freepik)

AstraZeneca Imfinzi India approval: कैंसर के इलाज से जुड़ी एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। AstraZeneca Pharma India Limited को भारत में अपनी इम्यूनोथेरेपी दवा Durvalumab को एक नए कैंसर इलाज के लिए बेचने और इस्तेमाल करने की अनुमति मिल गई है। यह मंजूरी केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने दी है।

किन मरीजों के लिए है नई मंजूरी

कंपनी के मुताबिक, अब Durvalumab को carboplatin और paclitaxel कीमोथेरेपी के साथ उन महिलाओं के इलाज में इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिन्हें एडवांस या दोबारा होने वाला एंडोमेट्रियल कैंसर (गर्भाशय का कैंसर) है और जिन्हें सिस्टमेटिक थेरेपी की जरूरत होती है। इसके बाद मरीजों को Durvalumab अकेले (मेंटेनेंस थेरेपी) के तौर पर दिया जाएगा। यह इलाज खासतौर पर उन मरीजों के लिए है, जिनमें mismatch repair deficient (dMMR) टाइप का कैंसर पाया जाता है।

भारत में बिक्री का रास्ता साफ

AstraZeneca ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि CDSCO ने Durvalumab Solution for Infusion 120 mg और 500 mg को इस अतिरिक्त उपयोग के लिए भारत में आयात, बिक्री और वितरण की अनुमति दे दी है। हालांकि, बाजार में पूरी तरह उपलब्ध होने से पहले कुछ जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।

पहले भी मिल चुकी है अहम मंजूरी

इससे पहले भी AstraZeneca को पेट और भोजन नली (गैस्ट्रिक और गैस्ट्रोइसोफेगल जंक्शन कैंसर) के इलाज में Durvalumab के इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है। उस मंजूरी के तहत, इस दवा को FLOT कीमोथेरेपी के साथ सर्जरी से पहले और बाद में देने की अनुमति दी गई थी। यह मंजूरी Phase-III MATTERHORN स्टडी के नतीजों के आधार पर मिली थी, जिसमें मरीजों की लंबी उम्र और बीमारी दोबारा होने के खतरे में कमी देखी गई।

भारत में कैंसर की बड़ी चुनौती

भारत में गैस्ट्रिक कैंसर एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है। हर साल देश में इसके करीब 64 हजार नए मामले सामने आते हैं और यह कैंसर से होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण है। कई मरीज ऐसे होते हैं, जिनमें कैंसर सर्जरी से हटाया जा सकता है, लेकिन इलाज के बाद भी दो साल के अंदर कैंसर दोबारा होने का खतरा बना रहता है। यही वजह है कि नए और बेहतर इलाज की लगातार जरूरत महसूस की जा रही है।

मरीजों के लिए उम्मीद की किरण

AstraZeneca Pharma India के कंट्री प्रेसिडेंट प्रवीण राव अक्किनेपल्ली के अनुसार, इस नई मंजूरी से भारत में कैंसर का इलाज पहले से ज्यादा प्रभावी होगा। इम्यूनोथेरेपी को इलाज के शुरुआती चरण में लाने से मरीजों की जिंदगी बढ़ाने और कैंसर के दोबारा लौटने के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, यह फैसला भारत में कैंसर मरीजों के लिए एक बड़ी उम्मीद लेकर आया है।