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Dementia Symptoms: भूलने की बीमारी का दिमाग से नहीं, इन 4 अंगों से है सीधा कनेक्शन

Dementia Symptoms: डिमेंशिया केवल बुढ़ापे की बीमारी नहीं है। जानिए शरीर के वो संकेत जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।

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भारत

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Charvi Jain

Feb 06, 2026

dementia symptoms

dementia symptoms (source: gemini)

Dementia Symptoms: अक्सर जब डिमेंशिया या याददाश्त कमजोर होने की बात होती है, तो लोग इसे सिर्फ बढ़ती उम्र और दिमाग से जोड़कर देखते हैं।सबकी सोच है कि ये बीमारी अचानक बुजुर्गों को घेर लेती है। लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा व्यापक है। शरीर के दूसरे हिस्सों में लंबे समय से चल रही बीमारियां भी धीरे-धीरे दिमाग को प्रभावित कर सकती हैं। समय रहते इन संकेतों को समझ लिया जाए, तो दिमागी सेहत को लंबे समय तक बेहतर रखा जा सकता है।

डिमेंशिया क्या है और कैसे बढ़ता है

डिमेंशिया कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि लक्षणों का समूह है, जिसमें याददाश्त कमजोर होना, सोचने समझने में दिक्कत और भी कई बीमारियां शामिल है। यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है और कई बार इसके शुरुआती संकेत नजरअंदाज हो जाते हैं। लोग भूलने को सामान्य मान लेते हैं, जबकि शरीर के अंदर चल रही दूसरी समस्याएं इसका कारण बन सकती हैं। दिमाग और शरीर एक-दूसरे से जुड़े हैं, इसलिए किसी एक अंग की अनदेखी पूरे सिस्टम पर असर डाल सकती है।

दांत, पेट और लिवर का दिमाग से संबंध

मसूड़ों की बीमारी को अक्सर हल्के में लिया जाता है, लेकिन लंबे समय तक रहने वाली सूजन शरीर में अंदरूनी तनाव बढ़ाती है। यही तनाव दिमाग तक पहुंचकर उसकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसी तरह पेट से जुड़ी बीमारियां और लिवर की खराबी शरीर में गंदे तत्वों को जमा होने देती हैं। जब खून पूरी तरह साफ नहीं हो पाता, तो उसका असर सोचने समझने की क्षमता पर भी पड़ता है। ये समस्याएं धीरे-धीरे दिमाग को कमजोर कर सकती हैं।

डायबिटीज और सांस की बीमारियों का असर

डायबिटीज आज हर उम्र में तेजी से बढ़ रही है। ब्लड शुगर का असंतुलन नसों और रक्त वेसल को नुकसान पहुंचाता है, जिससे दिमाग तक सही मात्रा में ऑक्सीजन और पोषण नहीं पहुंच पाता। वहीं सांस से जुड़ी बीमारियों में शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिसका सीधा असर दिमाग पर पड़ता है।

डिमेंशिया से बचाव के लिए बुजुर्गों के साथ युवा भी रहें सतर्क

  • दांतों की नियमित सफाई।
  • समय समय पर डेंटल जांच।
  • संतुलित भोजन, शराब और धूम्रपान से दूरी।
  • ब्लड शुगर और लिवर की रेग्युलर जांच

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।