हनुमानगढ़, Jun 04, 2026

फोटो पत्रिका नेटवर्क
हनुमानगढ़। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) हनुमानगढ़ इकाई ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए चाहूवाली पटवार मंडल, तहसील टिब्बी के राजस्व पटवारी श्रीराम को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पटवारी पर परिवादी के पिता के नाम इंतकाल (नामांतरण) दर्ज करने की एवज में 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी हनुमानगढ़ को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि राजस्व पटवारी श्रीराम, निवासी डबली खुर्द, टिब्बी, परिवादी के पिता के नाम इंतकाल दर्ज करने के बदले 30 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने उसका सत्यापन किया, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की।
एसीबी के उपमहानिरीक्षक पुलिस नारायण टोगस के सुपरविजन में हनुमानगढ़ इकाई की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुधा पालावत के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी को 15 हजार रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान एसीबी की टीम ने मौके पर आवश्यक साक्ष्य भी एकत्रित किए।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और अग्रिम अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
गौरतलब है कि 2 जून को श्रीगंगानगर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की स्पेशल यूनिट बीकानेर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिड़मलसर क्षेत्र में तैनात एक राजस्व पटवारी को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपी पटवारी संयुक्त खाते के विभाजन की प्रक्रिया पूरी करने के बदले परिवादी से एक लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा था।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अंकुश कुमार (31) निवासी 8 ईईए, तहसील पदमपुर है, जो वर्तमान में पटवार हल्का 68 एलएनपी, रिड़मलसर में कार्यरत है। परिवादी सुखदेव सिंह ने ब्यूरो को शिकायत देकर बताया था कि चक 68 एलएनपी स्थित मुरब्बा संख्या 35 के संयुक्त खाते का खाता विभाजन कराने के लिए पटवारी उससे रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए थे।
Published on: 04 Jun 2026 03:56 pm

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