
MP Weather Update: (Photo Source - Patrika)
MP Weather Update: राजस्थान में बने चक्रवातीय घेरे और पश्चिमी विक्षोभ के मिलन ने शहर के मौसम को पलट दिया है। बीती रात 11.30 बजे तक 52 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि बारिश का दौर अभी भी जारी है। ऐसे में 8 जनवरी 1926 को हुई 52.6 मिमी बारिश का 100 साल पुराना रिकॉर्ड भी लगातार बारिश से टूट गया। शहर में रात को बिजली की तेज गरजना के साथ कई जगहों पर ओले पड़े। आज भी मौसम विभाग बारिश की संभावना जता रहा है, ऐसे में जनवरी माह में बारिश का नया रिकॉर्ड बन सकता है।
ग्वालियर में सबसे कम विजिबिलिटी दर्ज की गई। यानी, यहां 50 मीटर के बाद कुछ नहीं दिखा। खजुराहो, भोपाल, दतिया, नर्मदापुरम, नौगांव, रीवा, सतना, राजगढ़, सागर, गुना, रायसेन, श्योपुर, बालाघाट, उमरिया, सिवनी, मंडला, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर में कोहरा दर्ज किया गया। हालांकि, रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है।
मौसम विभाग ने जबलपुर, बैतूल, सतना, मैहर, छतरपुर, सिंगरौली और टीकमगढ़ सहित 29 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं भिंड, रीवा, पन्ना, सीधी, नरसिंहपुर और पोरसा जैसे इलाकों में हल्की से थोड़ी ज्यादा बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग का कहना है कि 30 जनवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। जिसके चलते ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में बारिश के साथ-साथ कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका है। बारिश थमने के बाद 'सीवियर कोल्ड डे' (अत्यधिक ठंड) का सामना करना पड़ सकता है।
जहां एक ओर शहरवासी परेशान हुए, वहीं यह मावठ किसानों के लिए खुशहाली लेकर आई है। गेहूं और सरसों की फसल के लिए यह बारिश अमृत के समान है। शहर के नजरिए से देखें तो बारिश ने सड़कों पर उड़ रही धूल को दबा दिया और पेड़ों की पत्तियों पर जमी प्रदूषण की परत को साफ कर दिया।
वहीं मौसम बिगड़ने के दौरान गाड़ी चला रहे लोगों को हेडलाइट जलानी पड़ी। दृश्यता घटकर 200 मीटर के अंदर रह गई। 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं ने न केवल पेड़ों की टहनियां तोड़ दीं, बल्कि शहर के बिजली सिस्टम को भी हिलाकर रख दिया। इस गिरावट ने शहर को 'कोल्ड डे' की स्थिति में ला दिया है। बुधवार को भी ऐसी स्थिति रहेगी।
Published on:
28 Jan 2026 01:48 pm
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