
ajit pawar plane crash baramati pilot sambhavi pathak death (Photo Source - Social Media )
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र में बुधवार सुबह एनसीपी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा चार्टर्ड विमान उनके गृहनगर बारामती में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पवार सहित विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। सुबह करीब नौ बजे इस बड़े हादसे से महाराष्ट्र में शोक की लहर छा गई।
बता दें कि इस हादसे में कैप्टन शांभवी पाठक की भी मौत हो गई है। वे मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली थीं। अभी शांभवी का परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया है। ग्वालियर में शांभवी की दादी मीरा पाठक बसंत विहार के मकान नंबर डी-61 में रहती हैं।
शांभवी का बचपन बचपन ग्वालियर में ही बीता, यहीं से उड़ान भरने के सपनों ने आकार लेना शुरू किया। जानकारी के मुताबिक साल 2006 में ग्वालियर के एयरफोर्स विद्या भारती स्कूल से कक्षा दो की पढ़ाई शुरू की। प्राथमिक शिक्षा के बाद 2016 से 2018 के बीच एयरफोर्स दिल्ली हायर सेकेंडरी स्कूल से शिक्षा पूरी की।
इसके बाद यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई से एरोनॉटिक्स, एविएशन और एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी में बैचलर ऑफ साइंस (BSc) की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद शांभवी ने बाहर का रुख किया। उन्होंने न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी से कमर्शियल पायलट और फ्लाइट कू की ट्रेनिंग ली।
वे मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब से असिस्टेंट फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर के रूप में भी जुड़ी रहीं। उनकी फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग 'A' थी। शांभवी को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से फ्रोजन एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (ATPL) प्राप्त था।
इस घटना के बाद शांभवी के परिवार में शोक की लहर है। शांभवी की दादी बताती है कि बिजी होने के कारण उससे बात तो कम होती थी लेकिन जब भी बात करती थी तो बहुत देर तक करती थी। वह प्यार से मुझे दादी की बजाय ‘दादा' कहकर पुकारती थी। वह कहती थी कि दादाजी के चले जाने के बाद आप ही मेरे दादा हो।
उन्होंने ये भी बताया कि शांभवी की कुंडली बनवाते वक्त ज्योतिषी ने कहा था कि आपकी बिटिया साल 2026-27 में ऐसा नाम रोशन करेगी कि पूरे देश में आपकी पहचान बन जाएगी। लेकिन हमे इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह साल 2026 की 28 जनवरी को इस तरह नाम रोशन कर सभी को छोड़कर चली जाएगी।
बता दें कि अजीत पवार जिला परिषद चुनाव के सिलसिले में वीएसआर एविएशन के छह सीटर लियरजेट चार्टर विमान से मुंबई से बारामती जा रहे थे। कोहरे से कम विजिबिलिटी के कारण विमान को पहले उतरने की इजाजत नहीं दी गई। कुछ मिनट हवा में चक्कर लगाने के बाद अनुमति मिली तो विमान लैंडिंग के प्रयास में रनवे से आगे खाई में चला गया।
फ्यूल टैंक भरा होने से धमाकों के साथ विमान में आग लग गई। एयरपोर्ट पर मौजूद बचावकर्मियों ने लोगों की मदद से झुलसी हालात में सभी को बारामती अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अजित पवार सहित किसी को नहीं बचाया जा सका।
Published on:
29 Jan 2026 10:55 am

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