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समरसता के महापर्व होली में मौजूद रहेंगे सीएम योगी, होलिका दहन से लेकर भगवान नृसिंह की शोभायात्रा में होंगे शामिल

सामाजिक समरसता का स्नेह बांटने के लिए ही गोरक्षपीठाधीश्वर दशकों से होलिकोत्सव (भगवान नृसिंह शोभायात्रा) में शामिल होते रहे हैं। 1996 से 2019 तक शोभायात्रा का नेतृत्व करने वाले योगी वर्ष 2020 और 2021 के होलिकोत्सव में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए इसमें शामिल नहीं हुए थे।

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फोटो सोर्स : सोशल मीडिया, भगवान नृसिंह की शोभा यात्रा में सीएम योगी होंगे शामिल

सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार की सुबह लगभग ग्यारह बजे गोरखपुर आएंगे, वह होली तक गोरखपुर में ही रहेंगे। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

सीएम सोमवार को होलिका दहन के अवसर पर पांडेयहाता से निकलने वाली भक्त प्रह्लाद की शोभायात्रा तथा 4 मार्च की सुबह घंटाघर से निकलने वाली भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा में शामिल होंगे।

सीएम इस दौरान फूलों की होली भी खेलेंगे। भगवान नृसिंह की शोभायात्रा में सीएम अबीर-गुलाल से होली खेलेंगे। सोमवार को आने के बाद सीएम मंदिर में ही रहेंगे।

इस दौरान अधिकारियों के साथ अनौपचारिक बैठक कर विकास कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उसके बाद शाम को होलिका दहन के अवसर पर पांडेयहाता से निकलने वाली भक्त प्रह्लाद शोभायात्रा में शामिल होंगे।

होली के दिन करेंगे भगवान नृसिंह यात्रा को करेंगे रवाना

होली के दिन 4 मार्च की सुबह सीएम घंटाघर पहुंचेंगे और वहां से निकलने वाली भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा को रवाना करेंगे। इस दौरान वह लोगों को होली की शुभकामनाएं देंगे।

इन शोभायात्राओं में समतामूलक समाज का प्रतिबिंब नजर आता है। रंगों के प्रतीक रूप में उमंग व उल्लास का पर्व होली गोरक्षपीठ के सामाजिक समरसता अभियान का ही एक हिस्सा है।

शोभायात्रा की शुरुआत संघ के प्रचारक नाना जी देशमुख ने किया था

गोरखपुर में भगवान नृसिंह रंगोत्सव शोभायात्रा की शुरुआत अपने गोरखपुर प्रवासकाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक नानाजी देशमुख ने 1944 में की थी।

गोरखनाथ मंदिर में होलिकादहन की राख से होली मनाने की परंपरा इसके काफी पहले से जारी थी। नानाजी का यह अभियान होली के अवसर पर फूहड़ता दूर करने के लिए था। नानाजी के अनुरोध पर इस शोभायात्रा का गोरक्षपीठ से भी गहरा जुड़ाव हो गया।

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