गाज़ियाबाद, Jun 02, 2026

सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा में बड़ा एक्शन। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
Surya Murder and Assad Encounter Case Update In Ghaziabad: बकरीद के दिन 11वीं के छात्र सूर्या प्रताप की हत्या के बाद गाजियाबाद पुलिस और प्रशासन ने खोड़ा समेत पूरे देहात क्षेत्र में व्यापक सत्यापन अभियान शुरू कर दिया है। तीन दिनों तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान 17,174 अपराधियों का सत्यापन किया जाएगा। इनमें खोड़ा क्षेत्र के 600 अपराधी और 14 हिस्ट्रीशीटर पुलिस के विशेष रडार पर हैं। प्रशासन का उद्देश्य क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाना और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना है।
सोमवार को शुरू हुए अभियान में पुलिस के साथ राजस्व विभाग की टीमें और डॉग स्क्वायड भी शामिल रहे। टीमों ने कई स्थानों पर घरों और इमारतों की मेटल डिटेक्टर से जांच की। इसके अलावा ड्रोन की सहायता से इलाके के मकानों का भौतिक सत्यापन और सर्वेक्षण भी किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
खोड़ा क्षेत्र में यह अभियान एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करण नैय्यर और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ के निर्देशन में चलाया जा रहा है। एडिशनल सीपी ने बताया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए तीन एसीपी और पांच थाना प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक एसीपी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो चिन्हित अपराधियों और संवेदनशील क्षेत्रों का सत्यापन कर रही हैं।
पुलिस के अनुसार जिन लोगों का सत्यापन किया जा रहा है, उनमें हत्या, चोरी, लूट, छिनैती, मादक पदार्थों की तस्करी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में शामिल आरोपी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभियान के दौरान अपराधियों की वर्तमान गतिविधियों और निवास संबंधी जानकारियों का भी सत्यापन किया जाएगा।
खोड़ा में अभियान पूरा होने के बाद इंदिरापुरम, साहिबाबाद, कौशांबी, शालीमार गार्डन, लिंक रोड और टीलामोड़ क्षेत्रों में भी इसी प्रकार का सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। पुलिस का मानना है कि इससे अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखने और भविष्य में अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी।
जमात-ए-इस्लामी हिंद के नगर अध्यक्ष मोहम्मद आसिम ने सूर्या हत्याकांड की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाकर कठोर दंड दिया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस घटना को सांप्रदायिक रंग न दिया जाए और शांति एवं सौहार्द बनाए रखा जाए।
पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भराला भी सूर्या के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। भराला ने कहा कि दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो समाज के लिए उदाहरण बने और भविष्य में कोई भी व्यक्ति कानून को चुनौती देने का साहस न कर सके।
सुनील भराला ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन के निर्देश पर खोड़ा नगर पालिका की ओर से क्षेत्र में व्यापक सर्वेक्षण कराया जा रहा है। इस दौरान सूर्या हत्याकांड के अन्य आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी संपत्ति पर अवैध कब्जा या निर्माण नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद उसके परिजन शव को बुलंदशहर के नरसेना क्षेत्र स्थित पैतृक गांव महुआखेड़ा ले जाकर अंतिम संस्कार करना चाहते थे। हालांकि जैसे ही गांव के लोगों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने विरोध दर्ज कराया। इसके बाद परिवार को अंतिम संस्कार की योजना बदलनी पड़ी।
ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार असद के पिता नवाब करीब 20 वर्ष पहले गांव छोड़कर परिवार सहित गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में बस गए थे। इसी कारण परिवार का अधिकांश समय वहीं बीता।
पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद असद का शव उसके चाचा आबिद और अन्य परिजनों को सौंप दिया था। गांव में विरोध के चलते अंततः गाजियाबाद में ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
वहीं, बिजनौर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोस्ती के नाम पर विश्वासघात और हिंसा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। यदि कोई अपने बच्चों को सही संस्कार और सही मार्गदर्शन देने में असफल रहता है, तो उसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजियाबाद की घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर यह कैसी दोस्ती है, जिसमें किसी को दावत पर बुलाकर उस पर जानलेवा हमला कर दिया जाता है। उनका कहना था कि ऐसे कृत्य सामाजिक विश्वास और मानवीय मूल्यों के खिलाफ हैं।
Updated on: 02 Jun 2026 03:46 pm

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