4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पापा, आई एम सॉरी…हम थक गए हैं, मौत से पहले 3 बहनों ने आखिरी नोट लिख लगाई छलांग

"मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे।” सुसाइड नोट लिखकर 3 सगी बहनों ने 80 फीट ऊंचे फ्लैट से लगाई छलांग।

3 min read
Google source verification
Ghaziabad triple suicide, 3 minor sisters suicide, ghaziabad suicide, online gaming suicide ghaziabad, online gaming, online task-based korean lover game, Ghaziabad News in Hindi, Latest Ghaziabad News in Hindi, Ghaziabad Hindi Samachar, तीन बहनों ने की खुदकुशी, तीन बहनों ने की आत्महत्या, गाजियाबाद आत्महत्या मामला, ऑनलाइन गेमिंग आत्महत्या, ऑनलाइन गेमिंग की वजह से तीन बहनों ने की आत्महत्या

स्‍थान- गाजियाबाद। रात के ठीक 2 बजे। भारत सिटी सोसाइटी का बी-1 टावर गहरी नींद में था। चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था, लेकिन फ्लैट नंबर 907 के अंदर एक खौफनाक फैसला लिया जा चुका था। 16 साल की निशिका, 14 साल की प्राची और 12 साल की पाखी- तीनों बहनें मौत से बस एक कदम दूर खड़ी थीं।

कमरे का दरवाजा अंदर से बंद पाया गया। जांच में बालकनी के पास एक स्टूल रखा मिला। पुलिस के मुताबिक, तीनों बहनों ने इसी के सहारे बालकनी से छलांग लगाई। किसने पहले कूदकर जान दी, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। कुछ ही मिनटों के अंतराल में तीनों करीब 80 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

फ्लैट 907: जहां जिंदगी हार गई

कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। बालकनी के पास एक स्टूल रखा गया और कुछ ही पलों में तीनों बहनें करीब 80 फीट की ऊंचाई से नीचे जा गिरीं। नींद में डूबे टावर की खामोशी एक के बाद एक तीन तेज आवाजों से टूट गई। घबराए माता-पिता दौड़कर पहुंचे तो देखा के कमरा बंद है। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया। देखा तो बेटियां वहां नहीं थीं। फिर दौड़कर नीचे पहुंचे। देखा तो बेटियां नीचे पड़ी हुई थीं।कंक्रीट पर बिखरा खून और थमी हुई सांसें इस बात की गवाही दे रही थीं कि तीन मासूम जिंदगियां हमेशा के लिए खत्म हो चुकी हैं।

वो 18 पन्ने...

पुलिस जब कमरे में दाखिल हुई, तो वहां मिली एक डायरी ने सबके रोंगटे खड़े कर दिए। 18 पन्नों में फैला 'डेथ नोट' किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा लग रहा था। सुसाइड नोट में शुरुआत में लिखा हुआ है कि इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, वो सब पढ़ लो क्योंकि ये सब सच है। इसमें उन्होंने अपने पिता से माफी मांगते हुए लिखा है कि पापा एम सॉरी और उसके साथ रोने वाली इमोजी बनाई हुई है। इसी के साथ पुलिस को उमके घर के एक कमरे में आई एम वैरी वैरा अलोन भी लिखा मिला है और मेक मी ए हर्ट ऑफ ब्रॉकन भी।

आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की आत्महत्या के मामले में पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि बच्चियों के पिता ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी से लंबे समय तक संतान नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने साली से दूसरी शादी की। दूसरी शादी से तीन और पहली शादी से बाद में दो बच्चे हुए, जिससे परिवार की संरचना जटिल हो गई।

जिन तीन बहनों ने जान दी, उनमें दो दूसरी पत्नी की बेटियां और एक पहली पत्नी की बेटी थी। तीनों के बीच गहरा जुड़ाव था और वे पिछले करीब दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं। पढ़ाई में कमजोर होने के कारण उन्हें घर पर ही रखा गया था। धीरे-धीरे उनकी दुनिया घर की चार दीवारों और मोबाइल फोन तक सीमित होती चली गई।

कोरियन लव गेम क्या है

कोरियन लव गेम एक तरह की ऑनलाइन गतिविधि है, जो इंटरनेट पर चैट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए फैलती है। इसमें सामने वाला खुद को कोरियन या विदेशी युवक-युवती बताकर बातचीत शुरू करता है। शुरुआत दोस्ती और प्यार भरी बातों से होती है, ताकि सामने वाले का भरोसा जीता जा सके।

धीरे-धीरे छोटे और आसान टास्क दिए जाते हैं, जिससे जुड़ाव और निर्भरता बढ़ती जाती है। समय के साथ टास्क कठिन होने लगते हैं और मानसिक दबाव बनना शुरू हो जाता है। कई मामलों में बात न मानने पर डराने या भावनात्मक ब्लैकमेल करने की आशंका भी सामने आई है, जिससे व्यक्ति तनाव और भ्रम की स्थिति में आ जाता है।

Blue Whale Game से जुड़ा खतरनाक पैटर्न

इस तरह के गेम्स की तुलना पहले सामने आ चुके ब्लू व्हेल गेम से की जा रही है, जिसके चलते देश में कई बच्चों की जान जा चुकी है। ब्लू व्हेल को ‘सुसाइड चैलेंज गेम’ भी कहा जाता है। यह एक टास्क-आधारित ऑनलाइन गेम था, जिसमें कुल 50 चरण होते थे।

इस गेम में एक एडमिनिस्ट्रेटर और एक पार्टिसिपेंट शामिल होता था। एडमिनिस्ट्रेटर 50 दिनों तक रोजाना एक नया टास्क देता था। शुरुआती टास्क बेहद साधारण होते थे, लेकिन आखिरी चरणों में खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे खतरनाक टास्क शामिल होते थे। कई मामलों में यह खेल आत्महत्या तक पहुंच गया, जिसके बाद भारत सरकार ने इसे वर्ष 2017 में प्रतिबंधित कर दिया।