11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

ओडिशा से बुलाई गई बार डांसर… SDM की मौजूदगी में मंच पर परोसी गई अश्लीलता, Video हुआ वायरल

CG News: गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव में आयोजित 6 दिवसीय ओपेरा कार्यक्रम में अश्लील डांस कराए जाने का मामला सामने आया है।

2 min read
Google source verification

SDM की मौजूदगी में मंच पर परोसी गई अश्लीलता(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव में आयोजित 6 दिवसीय ओपेरा कार्यक्रम में अश्लील डांस कराए जाने का मामला सामने आया है। आयोजकों ने एसडीएम से मनोरंजन के नाम पर अनुमति ली, लेकिन तीसरे दिन से ही कार्यक्रम में अश्लीलता परोसी जाने लगी।

CG News: ओडिशा से बुलाई गई बार डांसर, वीडियो हुआ वायरल

आयोजन के लिए ओडिशा से बार डांसर बुलाई गई, जिसने अश्लील अंदाज में नृत्य किया और कार्यक्रम के प्रचार के वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किए। 8 जनवरी से भारी भीड़ जुटने लगी और देर रात तक डांस चलता रहा।

एसडीएम की मौजूदगी में देर रात तक चलता रहा डांस

मामला तब और गंभीर हो गया जब 9 जनवरी को मैनपुर एसडीएम तुलसी दास मरकाम स्वयं कार्यक्रम देखने पहुंचे। आयोजकों ने उनके लिए आगे की सीट आरक्षित रखी थी। रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक मंच पर अर्धनग्न अवस्था में डांसर नाचती रहीं और पंडाल में मौजूद लोग जमकर पैसे लुटाते रहे।

पंडाल में अफसर, पुलिस और जनप्रतिनिधि भी मौजूद

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पंडाल के भीतर पुलिसकर्मी, अधिकारी और कुछ जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे, जो डांस के दौरान चांस मारते और पैसा उड़ाते नजर आए। पंडाल में भीड़ पूरी तरह बेकाबू हो गई थी।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में

10 जनवरी को अश्लील डांस से जुड़े वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। वायरल फुटेज के आधार पर डांस में शामिल दो पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया।

आयोजकों पर एफआईआर, एक दिन पहले बंद कराया गया आयोजन

देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह ने बताया कि 10 जनवरी को मिली लिखित शिकायत के आधार पर आयोजक देवेंद्र राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू और हसन डाडा के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 (3)(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। आयोजन की अनुमति 10 जनवरी तक थी, लेकिन उसी दिन कार्यक्रम बंद करा दिया गया।

एसडीएम की भूमिका पर उठे सवाल, कार्रवाई नहीं

हालांकि, आयोजन को अनुमति देने और खुद कार्यक्रम में मौजूद रहने वाले एसडीएम के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।


मकर संक्रांति