5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बैन के बाद भी भारत में पाकिस्तानी कंटेंट की स्ट्रीमिंग ने मचाया हंगामा, 1.8 करोड़ व्यूअर तक पहुंचा ये एंटरटेनमेंट का जाल

Pakistani content streaming in India: बैन के बाद भी भारत में पाकिस्तानी कंटेंट की स्ट्रीमिंग ने काफी हंगामा मचाया है। सोशल मीडिया और विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर पाकिस्तानी ड्रामा, म्यूजिक और अन्य एंटरटेनमेंट कंटेंट को देखने वालों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है।

2 min read
Google source verification
भारत में पाकिस्तानी कंटेंट की स्ट्रीमिंग ने मचाया हंगामा

भारत में पाकिस्तानी कंटेंट की स्ट्रीमिंग पर रोक (सोर्स: x @ttimagazine)

Pakistani content streaming in India: साल 2025 में पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तानी डिजिटल कंटेंट पर प्रतिबंध लगा दिया था। बता दें, आदेश साफ था कि सभी OTT प्लेटफॉर्म, स्ट्रीमिंग सर्विस और सोशल मीडिया से पाक मूल की फिल्में, गाने, वेब सीरीज और पॉडकास्ट हटाए जाएं, लेकिन हाल ही में हुई एक जांच के अनुसार सरकार ने हैरान करने वाला खुलासा किया है कि ये पाबंदी महज कागजों तक ही सीमित रह गई है और पाकिस्तानी कंटेंट अभी भी भारतीय दर्शकों तक आसानी से पहुंच रहा है।

बैन के बाद भी भारत में पाकिस्तानी कंटेंट की स्ट्रीमिंग ने मचाया हंगामा

दरअसल, तमाम गतिविधियों पर जांच में सामने आया है कि भले ही ARY डिजिटल जैसे यूट्यूब चैनल्स को भारत में ब्लॉक कर दिया गया हो, लेकिन उनकी ऑफिशियल वेबसाइट्स पर वही ड्रामा और शोज सब्सक्रिप्शन के द्वारा धड़ल्ले से स्ट्रीम हो रहे हैं। इसी तरह 'जियो न्यूज' तो ब्लॉक है, लेकिन उनकी वेबसाइट पर पाकिस्तानी सीरियल्स बिना किसी बाधा के चल रहे हैं।

सबसे ज्यादा चौकाने की बात ये है कि करीब 15 ऐसे यूट्यूब चैनल्स एक्टिव हैं जो पाकिस्तानी ड्रामों को भारत में दिखा रहे हैं और उनसे मोटी कमाई (Monetization) भी कर रहे हैं। यही नहीं अभी रूकिए, इंस्टाग्राम पर भी बड़े स्टार्स भले ही ब्लॉक हों, लेकिन वैकल्पिक रास्तों से वे भारतीय व्यूअर्स तक अपनी पहुंच पहले जैसे ही बनाए हुए हैं। ये मामला सिर्फ फिल्मों और गानों तक सीमित नहीं है, बल्कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बन रहा है।

इतना ही नहीं, जांच के दौरान ये पाया गया कि 'रेडियो पाकिस्तान' का यूट्यूब चैनल बेखौफ चल रहा है, जिस पर भारत विरोधी बयानबाजी करने वाली मुषाल हुसैन मलिक (यासीन मलिक की पत्नी) का इंटरव्यू मौजूद है। साथ ही, पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (DG ISPR) का 'X' अकाउंट और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ब्लॉग्स भी डिजिटल लूपहोल्स के द्वारा भारत में नफरत फैलाने और प्रोपगैंडा चलाने का काम कर रहे हैं।

1.8 करोड़ व्यूअर तक पहुंचा ये एंटरटेनमेंट का जाल

बता दें, मेरी जिंदगी है तू और मेरे हमसफर 1.8 करोड़ व्यूअरशिप मिला है। इसपर डिजिटल एनालिस्ट का कहना है कि इन वीडियो और शोज में अक्सर छिपा हुआ भारत विरोधी नैरेटिव होता है, जो अनजाने में फैंस के मनोविज्ञान को प्रभावित कर सकता है। आईटी रूल्स 2021 (IT Rules 2021) के तहत सरकार ने ये एडवाइजरी जारी की थी, लेकिन तकनीकी खामियों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की ढीली मॉनिटरिंग के चलते ये कंटेंट आज भी सर्च करने पर आसानी से मिल जाता है।

सिर्फ बैन की घोषणा करना काफी नहीं है। सरकार को 'कंटेंट-आधारित ब्लॉकिंग' (Content-based blocking) और साइबर सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना होगा। साथ ही, गूगल, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म्स को बाध्य करना होगा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले ऐसे किसी भी कंटेंट को तुरंत फिल्टर करें। बता दें, पहलगाम जैसे हमलों के बाद भी पाकिस्तानी डिजिटल फुटप्रिंट का भारत में बरकरार रहना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। अब सवाल ये है कि क्या सरकार इसके ऊपर कोई सख्त कदम उठाएगी या नहीं।