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Sadhvi Prem Baisa: साध्वी प्रेम बाईसा ने किस गुरुकुल से ली थी शिक्षा, इस उम्र से दे रही थीं धार्मिक प्रवचन

Sadhvi Prem Baisa Ka Jivan Parichay: साध्वी प्रेम बाईसा मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के परेऊ गांव की निवासी थी। साध्वी के पिता पहले ट्रक ड्राइवर थे। उनकी मां का नाम अमरू देवी था।

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Sadhvi Prem Baisa

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Sadhvi Prem Baisa Death: साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से राजस्थान में बवाल खड़ा हो गया है। 25 साल की साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक मौत हो गई थी। साध्वी की तबीयत जोधपुर के बोरानाडा थाना क्षेत्र के पाल गांव स्थित आश्रम में बिगड़ी थी। हालत खराब होने पर उन्हें आनन-फानन में एक निजी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।

Sadhvi Prem Baisa: इंजेक्शन को लेकर हो रहा बवाल


इस मामले में इंजेक्शन को लेकर बवाल हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तबियत बिगड़ने पर साध्वी प्रेम बाईसा को इंजेक्शन लगाया गया था। जो कथित तौर पर आश्रम में बुलाए गए एक कंपाउंडर ने लगाया था। इंजेक्शन लगते ही साध्वी बेहोश हो गईं और फिर होश में नहीं आईं। यही वह बिंदु है, जहां से सवाल शुरू होते हैं। इंजेक्शन क्यों लगाया गया? किस दवा का इस्तेमाल हुआ? और क्या वह जरूरी था?

Sadhvi Prem Baisa का जीवन परिचय


साध्वी प्रेम बाईसा मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के परेऊ गांव की निवासी थी। साध्वी के पिता पहले ट्रक ड्राइवर थे। उनकी मां का नाम अमरू देवी था। साध्वी की मां का निधन बहुत पहले हो गया था। साध्वी प्रेम बाईसा जब 5 पांच साल की थी तभी उनकी मां की मृत्यु हो गई थी। परिवार जसनाथजी संप्रदाय का अनुयायी था। मां की मौत के बाद पिता ने संन्यास लिया और वे वीरम नाथ कहलाने लगे। साध्वी के पिता ने ही साध्वी प्रेम बाईसा को नाथ परंपरा में दीक्षित किया। प्रेम बाईसा ने जोधपुर के एक गुरुकुल में शिक्षा ली और 12 साल की उम्र से धार्मिक प्रवचन देने लगीं।

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