
Board Exam Tips 2026(AI Image-ChatGpt
Board Exam Tips 2026: परीक्षा का समय बच्चों के लिए सबसे संवेदनशील दौर होता है। इस समय उनमें पढ़ाई का दबाव, अच्छे अंक लाने की चिंता और असफलता का डर एक साथ काम करता है। कई बच्चे अच्छी तैयारी के बावजूद घबराहट के कारण अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते। इसलिए जरूरी है कि परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि अपनी सीख को परखने के अवसर के रूप में देखा जाए। जयपुर में एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल मिस निशी धंजल बताती है कि अच्छी परीक्षा तैयारी की शुरुआत समय पर और सही योजना बनाने से होती है।
मिस निशी धंजल के अनुसार सही योजना बनाने से एग्जाम की तैयारी बेहतर तरीके से की जा सकती है। बच्चों को चाहिए कि वे पूरे सिलेबस को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर रोजाना पढ़ाई करें, ताकि आखिरी समय में जल्दबाजी और तनाव से बचा जा सके। पढ़ाई का एक निश्चित समय तय करना और उसी का नियमित पालन करना अनुशासन विकसित करता है, वहीं अपने लिए अनुकूल समय, चाहे सुबह हो या शाम चुनने से पढ़ाई अधिक प्रभावी बनती है। इसके साथ ही नियमित रिवीजन और अभ्यास बेहद जरूरी है, क्योंकि किसी भी विषय को लंबे समय तक याद रखने के लिए उसे बार-बार दोहराना आवश्यक होता है। पुराने प्रश्नपत्रों और मॉडल पेपर का अभ्यास करने से परीक्षा के पैटर्न की समझ बढ़ती है, आत्मविश्वास मजबूत होता है और बच्चों को यह स्पष्ट हो जाता है कि किन विषयों या अध्यायों पर उन्हें अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
परीक्षा के दौरान तनाव से पूरी तरह बचना भले ही संभव न हो, लेकिन सही आदतों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। बच्चों को अपनी तुलना दूसरों से करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह अनावश्यक दबाव बढ़ाता है। हल्का व्यायाम, योग, ध्यान और गहरी सांस लेने जैसे अभ्यास मन को शांत रखते हैं और एकाग्रता बढ़ाते हैं। इसके साथ ही नींद और खान-पान का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि देर रात तक जागकर पढ़ने से दिमाग थक जाता है और याद करने की क्षमता कम हो जाती है। रोजाना 7 से 8 घंटे की पूरी नींद और संतुलित आहार, जिसमें फल, हरी सब्जियां, दूध और पर्याप्त पानी, मानसिक ऊर्जा बनाए रखते हैं, जबकि जंक फूड और अधिक चाय-कॉफी से बचना चाहिए।
परीक्षा के दिन संयम और आत्मविश्वास सबसे बड़े सहायक होते हैं, इसलिए प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़कर पहले वही प्रश्न हल करने चाहिए जो अच्छे से आते हों। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है, समय का सही उपयोग होता है और किसी कठिन प्रश्न पर अटकने की स्थिति में शांत रहकर आगे बढ़ना समझदारी साबित होती है।
मिस निशी धंजल कहती है कि परीक्षा जीवन का सिर्फ एक हिस्सा है, पूरी जिंदगी नहीं। अच्छे अंक लाना जरूरी है, लेकिन अंक ही आपकी काबिलियत का पूरा पैमाना नहीं होते। सच्चे मन से की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती, उसका फल किसी न किसी रूप में जरूर मिलता है। पढ़ाई के दौरान अगर कोई बात समझ न आए या मन में डर हो, तो माता-पिता और शिक्षकों से खुलकर बात करें, इससे मन हल्का होता है और सही दिशा भी मिलती है। खुद पर भरोसा रखें, सकारात्मक सोच बनाए रखें और घबराने के बजाय शांत मन से पढ़ाई करें।
Published on:
02 Feb 2026 03:49 pm

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