
प्रतीकात्मक फोटो पत्रिका
Rajasthan Schools : राजस्थान के सरकारी और निजी स्कूलों में अब सप्ताह का एक दिन संस्कृति और परंपरा को समर्पित रहेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के आदेश अनुसार हर गुरुवार को विद्यार्थी यूनिफॉर्म के स्थान पर सामान्य ड्रेस में विद्यालय आ सकेंगे। उद्देश्य है बच्चों में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना और स्कूल का वातावरण अधिक जीवंत बनाना।
निदेशक सीताराम जाट ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों को एक दिन सादे और मर्यादित परिधान पहनने की छूट रहेगी। शिक्षकों और स्टाफ के लिए गुरुवार को हथकरघा वस्त्र (खादी) अथवा स्थानीय पारंपरिक परिधान पहनना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था प्रदेश के सभी राजकीय और गैर-राजकीय विद्यालयों में लागू होगी।
निदेशालय ने प्रदेश के सभी संयुक्त निदेशकों (स्कूल शिक्षा) को अपने क्षेत्र के विद्यालयों में आदेश की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही की गई कार्रवाई की रिपोर्ट निदेशालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजने के निर्देश दिए हैं।
सप्ताह के 6 दिन एक जैसी यूनिफॉर्म से बच्चों में बोरियत होती है और शिक्षकों को भी अपनी सांस्कृतिक पहचान प्रदर्शित करने का अवसर नहीं मिलता। नई व्यवस्था से यूनिफॉर्म की धुलाई का समय भी मिलेगा। यह निर्णय प्रदेश के लगभग 68 हजार स्कूलों के 90 लाख से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों को लाभ पहुंचाएगा। गुरुवार को सभी स्कूलों में कॉमन सिविल ड्रेस डे रहेगा।
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ऋषिन चौबीसा एवं जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह चौहान ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए सकारात्मक है। इससे विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति, परंपरा और स्थानीय पहचान के प्रति जुड़ाव बढ़ेगा। साथ ही शिक्षकों को भी खादी व पारंपरिक परिधान के माध्यम से भारतीय संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
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Published on:
12 Jan 2026 02:31 pm
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