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जिले में कृषि धन धान्य योजना की ब्रांड एम्बेसडर बनीं मिलेट्स क्वीन लहरी बाई

मिलेट्स की 150 से अधिक किस्मों के बीजों का संरक्षण कर बनाया है बीज बैंकबजाग. जनजातीय अंचल में मिलेट्स क्वीन के नाम से पहचानी जाने वाली बैगा ग्राम सिलपिडी निवासी कृषक लहरी बाई को भारत सरकार की प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के क्रियान्वयन के लिए जिले का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया गया है। एसडीएम बजाग […]

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मिलेट्स की 150 से अधिक किस्मों के बीजों का संरक्षण कर बनाया है बीज बैंक
बजाग. जनजातीय अंचल में मिलेट्स क्वीन के नाम से पहचानी जाने वाली बैगा ग्राम सिलपिडी निवासी कृषक लहरी बाई को भारत सरकार की प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के क्रियान्वयन के लिए जिले का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया गया है। एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन एवं तहसीलदार भरत सिंह बट्टे ने लहरी बाई के गृह ग्राम स्थित निज निवास पहुंचकर उन्हें नियुक्ति पत्र ससम्मान सौंपा। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि लहरी बाई द्वारा वर्षों की मेहनत से संग्रहित 150 से अधिक प्रकार के दुर्लभ मोटे अनाज (मिलेट्स) को सुरक्षित रखने बीज बैंक के लिए दो कमरों का पक्का भवन निर्माण किया जाएगा। भवन की नींव नर्मदा जयंती के अवसर पर रखी जाएगी। इसके साथ ही लहरी बाई को कृषि योग्य भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जाएगी, इसके लिए वन विभाग एवं राजस्व विभाग संयुक्त रूप से प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन को प्रेषित करेंगे। लहरी बाई ने इस सम्मान और सहयोग के लिए कलेक्टर डिंडौरी एवं प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। लहरी बाई को ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त करने का मुख्य उद्देश्य दुर्लभ मिलेट्स किस्मों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना तथा पारंपरिक कृषि ज्ञान को प्रोत्साहित करना है। जिले में कृषि नवाचार और परंपरागत फसलों के संरक्षण को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय ब्रांड एम्बेसडर की नियुक्ति की गई है। लहरी बाई मध्य प्रदेश की बैगा जनजाति से संबंध रखने वाली एक साधारण कृषक महिला हैं, जिन्होंने अपने असाधारण कार्यों से देश-विदेश में जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने पारंपरिक मिलेट्स (श्रीअन्न) की 150 से अधिक किस्मों के बीजों का संरक्षण कर एक अनूठा बीज बैंक स्थापित किया है। यह बीज बैंक न केवल जैव विविधता के संरक्षण का सशक्त उदाहरण है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के दौर में टिकाऊ और पोषणयुक्त कृषि का भी मजबूत आधार है। मिलेट्स के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार में उनके अतुलनीय योगदान के लिए लहरी बाई को वर्ष 2021-22 में पादप जीनोम संरक्षक किसान सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स 2023 में उन्हें ब्रांड एम्बेसडर के रूप में भी मान्यता मिली। उनकी यह उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक सोच के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का मुख्य उद्देश्य मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना, पोषण सुरक्षा तथा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करना है। लहरी बाई को जिला स्तरीय ब्रांड एम्बेसडर बनाए जाने से इस योजना के क्रियान्वयन को जिले में नई गति मिलने की उम्मीद है। वे किसानों, विशेषकर आदिवासी समुदाय और महिला किसानों को मिलेट्स की खेती के लाभ, बीज संरक्षण और बाजार से जुड़ाव के लिए प्रेरित करेंगी। कृषि उपसंचालक अभिलाषा चौरसिया ने कहा कि लहरी बाई का जीवन और कार्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सहभागिता से जिले में श्रीअन्न आधारित कृषि को बढ़ावा मिलेगा और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का अधिक प्रभावी क्रियान्वयन होगा। लहरी बाई के मार्गदर्शन में जिले के किसान परंपरागत फसलों की ओर पुन: लौटेंगे, जिससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि पोषणयुक्त और टिकाऊ कृषि व्यवस्था भी मजबूत होगी।