
मप्र में सनातन परंपरा का जागरण
धार. प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल मोहनखेड़ा में सोमवार को एक दिवसीय धार्मिक कथा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बागेश्वर धाम के प्रमुख कथावाचक पं. धीरेंद्र शास्त्री ने प्रवचन दिए। शास्त्री को सुनने के लिए हजारों श्रद्धालु मोहनखेड़ा पहुंचे। यह उनका क्षेत्र में पहला प्रवास था। प्रवचन के दौरान पं. धीरेंद्र शास्त्री ने मोहनखेड़ा की धरती को तीर्थ समान बताते हुए कहा कि यहां आदिनाथ भगवान और ऋषभदेव के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सनातनी परंपरा का व्यापक आगाज हो रहा है। उन्होंने 15 फरवरी को बागेश्वर धाम में आयोजित होने वाले कन्या विवाह सम्मेलन का निमंत्रण भी श्रद्धालुओं को दिया। मीडिया से चर्चा में पं. शास्त्री ने कहा कि देश में सनातनी समाज को आपसी तनातनी से बचना चाहिए। संत और सनातनी समाज को एकजुट होकर धर्म की रक्षा करनी होगी।
उन्होंने कहा कि हिंदू और जैन एक हैं तथा जैन समाज भी सनातन परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। पं. शास्त्री ने धर्मांतरण, लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में इनकी कोई जगह नहीं है। उन्होंने सनातन समाज को जागरूक और संगठित रहने का आह्वान किया। एक दिवसीय कथा आयोजन को लेकर प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम के समापन पर देर शाम भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें प्रसिद्ध पाŸव गायिका अनुराधा पोडवाल ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। करीब एक घंटे तक चले प्रवचनों में धर्म रक्षा, सनातन समाज की एकजुटता और सामाजिक जागरूकता पर मार्गदर्शन किया गया।
शास्त्री ने कहा कि मप्र में सनातन परंपरा का व्यापक जागरण हो चुका है, जो समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य कर रहा है। पंडित कमल किशोर नागर द्वारा क्षेत्र के गांव-गांव में गोशाला निर्माण और मोहनखेड़ा क्षेत्र में हो रही गोसेवा की निष्ठा एवं कार्यों की सराहना की। शास्त्री ने समाज से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि आपसी एकता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आगामी १५ फरवरी को बागेश्वर धाम में आयोजित होने वाले कन्या विवाह कार्यक्रम का आमंत्रण भी दिया।
कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इनमें बड़ी संख्या महिलाओं की रही। खुली जीप में बागेश्वर सरकार ने श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया। कथा स्थल पर आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया गया। प्रवचन के दौरान मंच पर अयोध्या से आए कई संत और विभिन्न देव स्थानों के साधु संत और विधायक प्रताप ग्रेवाल मौजूद रहे।
जिले के मोहनखेड़ा जैन तीर्थ स्थल पर सोमवार को आस्था का संगम देखने को मिला। बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा एवं प्रवचन सुनने के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं में बागेश्वर सरकार की एक झलक पाने को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। शाम करीब 4 बजे धीरेंद्र शास्त्री मोहनखेड़ा पहुंचे। इससे पूर्व उन्होंने तीर्थ स्थित भगवान आदिनाथ एवं दादा गुरुदेव राजेंद्र सूरीश्वर के दर्शन-वंदन किए तथा साधु-साध्वियों से भेंट की। इस अवसर पर श्रीमोहनखेड़ा जैन तीर्थ ट्रस्ट मंडल द्वारा उनका बहुमान किया गया। प्रवचन के दौरान पं. शास्त्री ने कहा कि मैं यहां प्रवचन करने नहीं आया हूं, बल्कि हिंदुओं को जगाने आया हूं। जैन धर्म और हिंदू धर्म को एक ही सनातन परंपरा से जुड़ा बताते हुए सनातनी एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैन और हिन्दू परंपराएं मिठास के समान हैं, जिन्हें अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस क्षेत्र को भगवान आदिनाथ और दादा दयालु हनुमानजी की पावन भूमि बताया।
Updated on:
03 Feb 2026 02:05 pm
Published on:
03 Feb 2026 01:57 pm

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