12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

एक ही महिला, दो सच! कहीं पत्नी तो कहीं विधवा बनकर उठा रही महतारी वंदन योजना का लाभ, कलेक्टर तक पहुंची शिकायत

Mahtari Vandana Yojana: महतारी वंदन योजना को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला पर आरोप है कि उसने पति के जीवित रहते खुद को विधवा बताकर शासन की योजना का लाभ लिया।

2 min read
Google source verification
कहीं पत्नी तो कहीं विधवा बनकर उठा रही महतारी वंदन योजना लाभ(photo-patrika)

कहीं पत्नी तो कहीं विधवा बनकर उठा रही महतारी वंदन योजना लाभ(photo-patrika)

Mahtari Vandana Yojana: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से महतारी वंदन योजना को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला पर आरोप है कि उसने पति के जीवित रहते खुद को विधवा बताकर शासन की योजना का लाभ लिया। मामले में पति ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।

Mahtari Vandana Yojana: स्वास्थ्य कर्मचारी ने की शिकायत

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोरर, कांकेर में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मचारी राजेंद्र सिन्हा ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उनकी पत्नी टिकरापारा निवासी है, जो पिछले 12–13 वर्षों से मायके में रह रही है। इसके बावजूद उसने महतारी वंदन योजना के तहत खुद को विधवा दर्शाकर लाभ प्राप्त किया है।

शपथ पत्र में दी गई गलत जानकारी

आवेदन में बताया गया है कि महतारी वंदन योजना के आवेदन और शपथ पत्र में महिला ने यह दर्शाया कि परिवार का कोई भी सदस्य केंद्र या राज्य सरकार के किसी विभाग, उपक्रम या स्थानीय निकाय में कार्यरत नहीं है, जबकि पति स्वयं स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी है। इसके साथ ही दस्तावेजों में विधवा होने की स्थिति में पति के मृत्यु प्रमाण पत्र पर टिक लगाकर योजना का लाभ लिया गया।

न्यायालय में पति को बताया जीवित

राजेंद्र सिन्हा ने आरोप लगाया कि एक ओर उनकी पत्नी कुटुंब न्यायालय में पति को जीवित बताकर भरण-पोषण का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर शासन के समक्ष खुद को विधवा बताकर योजना का लाभ उठा रही है। उन्होंने इसे न्यायालय और शासन—दोनों को गुमराह करने का मामला बताया।

कपटपूर्ण आचरण, कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ता ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से विरोधाभासी और कपटपूर्ण आचरण है। झूठे शपथ पत्र के आधार पर शासन की योजना का लाभ लेना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने कलेक्टर से मामले की जांच कर दोषी महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

प्रशासनिक जांच की संभावना

मामले के सामने आने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर जांच की संभावना जताई जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो महिला से योजना की राशि वसूली के साथ-साथ आपराधिक कार्रवाई भी हो सकती है।


मकर संक्रांति